श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन बोले व्यास पंकज शास्त्री- गुरु के साथ कपट और मित्र से चोरी करने वाला व्यक्ति दरिद्रता को प्राप्त होता है

श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन बोले व्यास पंकज शास्त्री- गुरु के साथ कपट और मित्र से चोरी करने वाला व्यक्ति दरिद्रता को प्राप्त होता है

प्रधानमंत्री की उपलब्धियों का अभिनंदन पत्र उनके भाई पंकज भाई मोदी को सौंपा गया

वाराणसी,भदैनी मिरर। महमूरगंज के श्रृंगेरी मठ में आयोजित संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन  कथा व्यास पंकज शास्त्री जी महाराज ने सुखदेव जी की विदाई, श्रीमद भागवत का आवरण, सुदामा चरित्र की प्रस्तुति की। जिसका श्रवण कर  श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। साथ ही पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं ने फूलों की जमकर होली खेली। 

कथा व्यास ने बताया कि गुरु के साथ कपट और मित्र से चोरी करने वाला व्यक्ति दरिद्र होता है। बताया कि आश्रम में शिक्षा ग्रहण करने के दौरान सुदामा ने मित्र कृष्ण की नजर बचाकर गुरु के दिए चने अकेले ही खा लिए, जिस कारण वह दरिद्र हो गए। सुदामा ने जब पत्नी को कृष्ण की दोस्ती के बारे में बताया तो उन्होंने जीवन निर्वाह के लिए कृष्ण से धन लाने को कहा। जिसके बाद जब सुदामा श्रीकृष्ण से मिलने द्वारिकापुरी पहुंचे तो वहाँ भगवान कृष्ण ने आंसुओं से उनके पैर धो डाले और उन्हें अलौकिक वरदान दिया।


इसके साथ ही श्री कथा के मंच से काशी के मन की बात, मन की आवाज पूर्वांचल हो राज्य काशी हो राजधानी की मांग को पीएम नरेंद्र मोदी के अनुज पंकज भाई मोदी के माध्यम से प्रधानमंत्री को पहुंचाई गई। जिसकी पुष्टि भक्तजनों ने 6 बार हर हर महादेव के जयकारे से की। श्री कथा के मंच पर गौरवमयी क्षण तब आया जब आयोजक मण्डल ने काशीवासियों की ओर से प्रधानमंत्री  की उपलब्धि हेतु उनके लिए अभिनंदन पत्र पंकज भाई को सुपुर्द किया। जिसमें राम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर एवम धारा 370 की उपलब्धियों का खास जिक्र हुआ। इस दौरान पं श्रीकांत मिश्रा जी, डॉ. अजीत सैगल, अनुज राही हिंदुस्तानी, वंदना रघुवंशी, आनंद दूबे, सचिन मिश्रा, धर्मेंद्र त्रिपाठी, आशीष टन्डन, मीनाक्षी सिंह,अंजलि चांगरानी का अपार सहयोग है।