दिल्ली से काशी को रवाना हुई माँ अन्नपूर्णा की मूर्ति: 1903 में हुई थी चोरी, 15 नवंबर को होगी स्थापित...

केन्द्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने इस अवसर पर कहा कि एक समय था जब भारत की परंपराएं टूटे हुए घड़े के समान रिसरिस कर देश के बाहर जा रही थी और आज उसको मरम्मत और मजबूत करके वापस संजोने का काम हो रहा है।

दिल्ली से काशी को रवाना हुई माँ अन्नपूर्णा की मूर्ति: 1903 में हुई थी चोरी, 15 नवंबर को होगी स्थापित...

वाराणसी,भदैनी मिरर। उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा और नीलकंठ तिवारी को गुरुवार को केन्द्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने दिल्ली में मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा सौपी। बता दें कि करीब सौ साल पहले वाराणसी से चोरी हुई मां अन्नपूर्णा की एक मूर्ति हाल ही में कनाडा से बरामद हुई थी। मूर्ति 15 नवंबर को काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थापित की जाएगी। कनाडा से बरामद इस बेशकीमती मूर्ति को कनाडा सरकार से भारत को सौंपा है। 

अब तक 200 प्रतिमायें लाई गई भारत


वहीं केन्द्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने इस अवसर पर कहा कि एक समय था जब भारत की परंपराएं टूटे हुए घड़े के समान रिसरिस कर देश के बाहर जा रही थी और आज उसको मरम्मत और मजबूत करके वापस संजोने का काम हो रहा है। इसके साथ ही केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि जो मूर्तियां भारत से चोरी की गईं थी, या ले ली गईं थी, वह सब अब लौट रही हैं। अब तक 200 ऐसी मूर्तियां वापस लाई गई हैं। मां का मूर्ति स्वरुप काशी लौटने की तैयारी में है, यह हमारे लिए गौरव का विषय है। 

कारीडोर में ईशान कोण पर स्थापित होगी प्रतिमा

उत्तर प्रदेश के पर्यटन तथा धर्मार्थ कार्य मंत्री नीलकंठ तिवारी ने कहा कि जब स्वतंत्रता आंदोलन चरम पर था तब यह मूर्ति कनाडा पहुंच गई थी। अब यह मूर्ति भारत वापस लाई गई है। 15 नवंबर को इसकी पुन: स्थापना की जाएगी। उन्होंने बताया की नेशनल गैलरी आफ माडर्न आर्ट नई दिल्ली में आयोजित माता अन्नपूर्णा की पूजा और अनुष्ठान का कार्यक्रम होने के बाद यहां से काशी विश्वनाथ मंदिर स्थित कारीडोर में ईशान कोण पर स्थापित की जाएगी। मूर्ति को वाराणसी में 15 नवंबर को वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बाबा दरबार क्षेत्र में आगवानी कर स्थापित करेंगे। यह मूर्ति वाराणसी में बाबतपुर से कचहरी, अंधरापुल, मलदहिया, कमच्छा,भेलूपुर होते हुए दुर्गा मंदिर (दुर्गाकुंड) में रखी जाएगी। यहां से दूसरे दिन लंका और सोनारपुरा, मदनपुरा, गोदौलिया, ज्ञानवापी होते हुए बाबा दरबार में 15 नवंबर को पहुंचेगी।

1903 में चोरी हुई थी प्रतिमा


बताते चलें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने मां अन्नपूर्णा की मूर्ति को नई दिल्ली से सड़क मार्ग से वाराणसी लाने का फैसला किया है। इस दौरान जगह-जगह पर शोभा यात्रा निकाली जाएगी। मूर्ति गुरुवार को नई दिल्ली से सड़क मार्ग से गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़ तथा हाथरस लाई जाएगी। इस दौरान सभी जगह पर लोगों को इस शोभा यात्रा का सहभागी भी बनाया जाएगा। इसके बाद शुक्रवार को शोभा यात्रा का पड़ाव एटा, मैनपुरी, कन्नौज तथा कानपुर नगर में रहेगा। कानपुर नगर के बाद मां अन्नपूर्णा की मूर्ति शनिवार को सड़क मार्ग से कानपुर से रवाना होकर उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी तथा आयोध्या पहुंचेगी। अयोध्या में रात्रि प्रवास के बाद मूर्ति की शोभा यात्रा रविवार को सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, जौनपुर होकर वाराणसी पहुंचेगी। वाराणसी में 15 को मां अन्नपूर्णा की मूर्ति को श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में स्थापित कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 15 नवंबर को इस मूर्ति को श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में स्थापित करेंगे। मां अन्नपूर्णा की मूर्ति 1903 में चोरी हो गई थी। इसे कुछ दिन पहले कनाडा से भारत लाया गया है।