अवैध संबंध का दबाब बनाने पर हुई थी लेबर की हत्या, बैंक अकाउंट से मृतक की हुई थी शिनाख्त, दंपति सहित तीन गिरफ्तार

अवैध संबंध का दबाब बनाने पर हुई थी लेबर की हत्या, बैंक अकाउंट से मृतक की हुई थी शिनाख्त, दंपति सहित तीन गिरफ्तार

वाराणसी,भदैनी मिरर। सिगरा के नई बस्ती लल्लापुरा स्थित प्रजापति कुम्हार हितकारिणी सभा के भवन में बिहार के छपरा निवासी दिलीप रावत की हत्या का खुलासा पुलिस ने नौ दिन बाद कर दिया। पुलिस को मृतक की शिनाख्त करने में करीब आठ दिन का समय लग गया। पुलिस को इस हत्या की गुत्थी सुलझाने में दर-दर भटकना पड़ा। पुलिस ने बताया कि दिलीप की हत्या परिचित की पत्नी पर अवैध संबंध के लिए दबाव बनाने के कारण की गई थी। दिलीप के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों से वार कर उसका गला पुराने कपड़ों की बनाई गई रस्सी से दबाया गया था। इसके बाद उसका हाथ-पैर गमछे से बांध कर शव टॉयलेट में फेंक दिया गया था। शुक्रवार को यह खुलासा कर सिगरा थाने की पुलिस ने प्रकरण में दंपति सहित 3 आरोपियों को अदालत में पेश किया। अदालत ने तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।


लेबरों की मदद से हुई गिरफ्तारी


डीसीपी वरुणा जोन विक्रांत वीर ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे के डीवीआर से तीनों की फोटो डेवलप कर इंस्पेक्टर सिगरा अनूप कुमार शुक्ला ने जितेंद्र और मजदूर दंपति की तलाश शुरू की। समीप की ही चेतगंज लेबर मंडी में मजदूरों से पूछताछ करने पर तीनों के बारे में अहम जानकारियां हाथ लगीं। तीनों की तलाश की जा रही थी। शुक्रवार को एक मजदूर के माध्यम से ही पता लगा कि जितेंद्र सहित तीनों कैंट रेलवे स्टेशन की ओर जा रहे हैं। इस सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर अनूप कुमार शुक्ला ने कैंट रोडवेज के समीप घेरेबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। तलाशी में तीनों के पास से 4,400 रुपए बरामद हुए।


पहले करता था अश्लील हरकत फिर बनाने लगा अवैध संबंध का दबाब


जितेंद्र के साथ गिरफ्तार दंपति की शिनाख्त आजमगढ़ जिले के महाराजगंज थाना के भटनी बदैना गांव के पप्पू गुप्ता और उसकी पत्नी पूजा गुप्ता के तौर पर हुई है। पुलिस की पूछताछ में पप्पू ने बताया कि वह और उसकी पत्नी राजगीर जितेंद्र के साथ 17 जून से प्रजापति हितकारिणी सभा भवन में काम कर रहे थे। चेतगंज लेबर मंडी से दिलीप की जान-पहचान जितेंद्र से हुई थी।
30 जुलाई को दिलीप पहली बार उन लोगों के पास आया और उसकी पत्नी के साथ अश्लील हरकत किया। इसके बाद वह रोजाना आने लगा और उसकी पत्नी पर अवैध संबंध का दबाव बनाने लगा। इसे लेकर वह और उसकी पत्नी परेशान हो गए तो उन्होंने जितेंद्र के साथ मिलकर दिलीप को सबक सिखाने की योजना बनाई।
2 अगस्त की रात दिलीप फिर आया और पूजा के साथ अश्लील हरकत कर अवैध संबंध के लिए दबाव बनाया। यह जान कर पप्पू और जितेंद्र ने रात में दिलीप को ठहरने को कहा। सबसे पहले तीनों ने प्रजापति भवन में रखी आलमारी का ताला तोड़ कर उसमें रखे 11,500 रुपए चुराए। इसके बाद मैदान में पड़ा डंडा उठाकर पीछे से दिलीप के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर ताबड़तोड़ वार किए।


दिलीप शोर मचाने लगा तो पप्पू ने उसका मुंह दबाया और पूजा पैर पकड़ ली। इसके बाद जितेंद्र ने दिलीप को पकड़ लिया और पप्पू कपड़ों से बनाई गई रस्सी लाकर उसका गला घोंट दिया। जब दिलीप का शरीर शांत हो गया तो उसका हाथ-पैर बांध कर तीनों ने प्रजापति भवन के टॉयलेट में उसे फेंक दिया। रात 2 बजे के लगभग तीनों भवन से निकल गए। तीनों ने बताया कि वह अब तक इधर-उधर छुप कर रह रहे थे। अब बनारस में काम कर पाना संभव नहीं था, इसीलिए तीनों छुपते हुए कैंट रेलवे स्टेशन जा रहे थे। रेलवे स्टेशन से जिस भी बड़े शहर की ट्रेन मिल जाती तीनों निकल जाते, लेकिन उससे पहले ही पकड़े गए।


लेबर ने दे दिया अहम सुराग


हत्या के आरोपियों को पकड़ने के साथ ही दिलीप के शव की शिनाख्त भी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती थी। इसके लिए पुलिस को तकरीबन 8 दिन तक चेतगंज लेबर मंडी की खाक छाननी पड़ी। 12 अगस्त को पुलिस को मजदूरों से ही पता लगा कि चेतगंज लेबर मंडी में उन्होंने दिलीप के साथ मजदूर सोहन विश्वकर्मा को कई बार देखा था। पुलिस सोहन को खोजी तो वह बताया कि दिलीप के घर-परिवार के बारे में नहीं जानता है। हालांकि उसने पुलिस को यह जरूर बताया कि दिलीप उसके सामने 1-2 बार अपनी मां को चेतगंज स्थित एक दुकान से पैसा भेजा था। सोहन के साथ पुलिस चेतगंज स्थित उस दुकान गई तो वहां से सिर्फ एसबीआई का खाता नंबर मिला। आखिरकार एसबीआई के खाता नंबर और बिहार पुलिस की मदद से दिलीप के शव की शिनाख्त हुई।

4 अगस्त को मिली थी हत्या की सूचना


प्रजापति कुम्हार हितकारिणी सभा के सेकेट्री रतन कुमार प्रजापति ने बीती 4 अगस्त की शाम सिगरा थाने की पुलिस को सूचना दी थी कि उनके भवन के परिसर में बने टॉयलेट से दुर्गंध आ रही है। पुलिस पहुंची तो टॉयलेट में शव पड़ा हुआ था। रतन ने पुलिस को यह भी बताया कि भवन में काम चल रहा था। काम करने वाला राजगीर बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के हरपुर गांव का जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव और उसके साथ काम करने वाला मजदूर व उसकी पत्नी गायब हैं। भवन परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज चेक की गई तो पता लगा कि जितेंद्र और मजदूर दंपति अपने बच्चे के साथ 2 अगस्त की रात 1:53 बजे बाहर निकले हैं। इसके साथ ही भवन में रखी आलमारी का ताला टूटा हुआ था और उससे 11,500 रुपए गायब थे।