#Mahashivratri- बाबा के दरबार में उमड़ी आस्था : रुद्राक्ष, फल व मेवे का सेहरा पहनेंगे 'बाबा विश्वनाथ'

बाबा के दरबार मे महाशिवरात्रि पर्व पर आस्था उमड़ी है. अपने विवाहोत्सव पर बाबा रुद्राक्ष, फल व मेवे का सेहरा पहनेंगे

#Mahashivratri- बाबा के दरबार में उमड़ी आस्था : रुद्राक्ष, फल व मेवे का सेहरा पहनेंगे 'बाबा विश्वनाथ'

वाराणसी, भदैनी मिरर। महाशिवरात्रि पर देश के द्वादश ज्‍योतिर्लिंगों में से एक बाबा विश्‍वनाथ के दर्शन के लिए काशी में जनसैलाब उमड़ पड़ा। एक दिन पहले ही बाबा दरबार में लाखों की संख्या में भक्त पहुंचने लगे। शुभ मुहूर्त में आज बाबा भोले का विवाह संपन्न होगा। वहीं पंचकोशी परिक्रमा के लिए भी लाखों की भीड़ उमड़ी और हर हर महादेव की काशी की गलियां गूंज उठीं। भोर में मंगला आरती के बाद भक्तों के कपाट खुला तो पूरा धाम हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। बाबा के भक्‍तों ने बेलपत्र और जल के साथ बाबा का अभिषेक किया तो काशी विश्‍वनाथ परिसर आस्‍था से ओत प्रोत हो उठा। चारों दिशाओं में बोल बम और हर हर महादेव के नारों ने काशी को पूरी तरह से शिवमय कर दिया। सुबह 09 बजे तक ही 60 हजार से अधिक भक्त बाबा दर्शन-पूजन कर चुके है। दर्शन को लंबी कतार लगी है। बाबा आज पूरी भक्तों को दर्शन देंगे। 

चारों पहर की आरती में निभाई जाएगी विवाहोत्सव की रस्म

महाशिवरात्रि पर बाबा विश्वनाथ के चारों पहर की आरती में बाबा के विवाहोत्सव की रस्म अदा की जाएगी। पूरी परंपरा सप्तऋषि आरती के अर्चक निभाते है। आरती के प्रधान अर्चक पंडित शशिभूषण त्रिपाठी उर्फ गुड्डू महाराज ने बताया कि बाबा के विवाहोत्सव की तैयारियां पूरी हो गई है। बाबा फूलों, फल और मेवा का सेहरा पहनेंगे। जिसे विशेष रूप से तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि पहले पहर की आरती में द्वारपूजा, दूसरे पहर में जयमाल, तीसरे पहर में सिंधुर दान और चौथे पहर की आरती में विदाई की रस्म अदा की जाएगी। पूरे पूजन-अनुष्ठान में करीब 15 कुंतल फल, दो मन मेवा, फल की माला, इलायची की माला, मेवे की माला, रुदाक्ष का सेहरा, अवाला, मुरब्बा, अमावट, सोना चांदी, इत्र गुलाबजल, धोती, साड़ी, मंगलसूत्र, अबीर बुक्का, 11 प्रकार की मिठाई, हर प्रकार के फूल का माला, ठंडाई और भांग अर्पित किया जाएगा।

शंख ध्वनि से तैयारियां होंगी शुरू

प्रथम प्रहर की आरती के लिए रात्रि 10:50 पर शंक ध्वनि के साथ विवाहोत्सव की तैयारियां शुरू हो जाएंगी। गर्भ गृह में मंदिर के पुजारियों का प्रवेश होगा और पूजा की तैयारियां शुरू हो जाएंगी। रात्रि 11 बजे से आरती शुरू होगी और रात्रि 12:30 पर आरती खत्म हो जाएगी। दूसरे पहर की आरती 18-19 फरवरी की मध्य रात्रि 1.20 बजे शुरू होकर 2.30 बजे तक चलेगी। तीसरे पहर की आरती 19 फरवरी की भोर 2.55 से 4.25 बजे तक होगी तो चौथे पहर की आरती 19 की सुबह 4.55 से शुरू होगी और 6.15 समाप्त होगी।

मंगला आरती के 350 टिकट बिके

मंदिर प्रशासन के मुताबिक, महाशिवरात्रि पर बाबा के मंगला आरती में 350 भक्त शामिल होंगे। कुल 350 टिकट की बिक्री हुई है। सीईओ सुनील वर्मा ने बताया कि टिकट बिक्री पर रोक लगा दिया गया है। शिवरात्रि पर प्रत्येक टिकट दर 2001 रूपये रखा गया था। उन्होंने बताया कि मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए मेडिकल टीम मुस्तैद रहेगी साथ ही पेय जल की उपलब्धता रहेगी।

पूरे धाम की पुष्प-मालाओं से भव्य सजावट

बाबा विश्वनाथ का दरबार उनके विवाह उत्सव के लिए सजाया गया है। पूरे मंदिर परिसर की पुष्प-मालाओं और विद्युत झालरों से सजावट की गई है। 

मदार के माला की जमकर बिक्री

महाशिवरात्रि को देखते हुए कोलकाता से तीन लाख से अधिक मदार की माला फूल मंडियों में पहुंची। बाहर के व्यापारियों ने खरीदारी की। लोकल खरीदार कम दिखे। मदार के साथ ही गेंदा की माला का भाव चढ़ा था। करीब 40 प्रतिशत की तेजी रही। वेलपत्र, धतूरा, कुंद की लर, गुलाब के दाम में 50 प्रतिशत तक की वृद्घि हुई। लगन से भी फूलों में तेजी है। बनारस में मदार की फसल तैयार न होने से व्यापारियों ने कोलकाता से मंगाया। पूर्वांचल के व्यापारियों ने मदार से सहित अन्य फूलों की खरीदारी की। इंग्लिशिया लाइन फूलमंडियों के थोक व्यापारियों का अनुमान है कि शुक्रवार को तीन लाख से अधिक मदार की माला कोलकाता से आई, जिसे आसपास जिलों में भेजी गई। व्यापारी संतोष पाल, ईश्वरचंद्र व फिरोज विश्वास ने बताया कि शिवरात्रि व लगन से फूलों की मांग बढ़ी है। थोक में बड़ा गेंदा की माला दो से तीन हजार रुपये सैकड़ा, छोटा चार से पांच सौ रुपये सैकड़ा बिकीं। वेलपत्र डेढ सौ और धतूरा ढाई सौ रुपये किलो बिक्री हुई। गुलाब की माला काफी महंगा था। यह तीन से चार हजार रुपये सैकड़ा थी। जबकि गुलाब का फूल तीन सौ रुपये किलो और कुंद की लर चार सौ सैकड़ा बिकी।

शिवालयों में भी होंगे आयोजन

महाशिवरात्रि पर आज रुद्राभिषेक सहित अनुष्ठान पूजन होंगे। शहर के शिवालयों में भी महाशिवरात्रि के अनुष्ठान होंगे। इसमें जागेश्वर महादेव, महामृत्युंजय महादेव, तिलभांडेश्वर, गौरी केदारेश्वर, मणि मंदिर, बीएचयू विश्वनाथ मंदिर, मीरघाट स्थित विश्वनाथ मंदिर, मार्कंडेय महादेव, सारंगनाथ सहित शहर के सभी मंदिरों में महाशिवरात्रि पर सजावट और अनुष्ठान की तैयारियां हुई है।