Google के सीईओ समेत चार को मिली राहत, SSP बोले नहीं मिले पुष्टिकारक साक्ष्य...

वाराणसी के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-3 के आदेश से गौरीगंज निवासी गिरिजा शंकर जायसवाल के प्रार्थना पत्र पर सुंदर पिचाई सहित 18 लोगों के खिलाफ भेलूपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस संदर्भ में गिरिजा शंकर जायसवाल का कहना है कि उनके व्हाट्सएप ग्रुप पर देश विक्रेता के नाम से एक वीडियो आया था।  जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में देश बेचने सहित अन्य प्रकार की अमर्यादित बात की गई थी।

Google के सीईओ समेत चार को मिली राहत, SSP बोले नहीं मिले पुष्टिकारक साक्ष्य...

वाराणसी/भदैनी मिरर। भेलूपुर थाने में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई सहित चार अन्य लोगों पर आपराधिक षड्यंत्र रचने और धमकाने सहित अन्य आरोपों में अदालत के आदेश से दर्ज मुकदमे में पुलिस ने राहत दी है। इस संदर्भ में एसएसपी अमित पाठक ने बताया है कि भेलूपुर थाने में दर्ज क्राइम नं 69/21 में 18 लोगों के विरुद्ध मुकदमा लिखाया गया है। इसमें विवेचना के दौरान सीरियल नं 15 गूगल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, सीरियल नं 16 प्रबंधक संजय गुप्ता, सीरियल नं 17 सीईओ सुंदर पिचाई, सीरियल नं 18 डायरेक्टर गूगल इंडिया प्राइवेट लि. के विरूद्ध कोई भी पुष्टिकारक साक्ष्य नहीं पाया गया है । इनकी नामजदगी गलत की गई है। बाकी विवेचना प्रचलित है।

बता दें कि वाराणसी के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-3 के आदेश से गौरीगंज निवासी गिरिजा शंकर जायसवाल के प्रार्थना पत्र पर सुंदर पिचाई सहित 18 लोगों के खिलाफ भेलूपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस संदर्भ में गिरिजा शंकर जायसवाल का कहना है कि उनके व्हाट्सएप ग्रुप पर देश विक्रेता के नाम से एक वीडियो आया था।  जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में देश बेचने सहित अन्य प्रकार की अमर्यादित बात की गई थी। वीडियो के संबंध में गायक विशाल गाजीपुरी उर्फ विशाल सिंह बादल से उन्होंने बात कर पूछा कि ऐसा क्यों किया है। यदि प्रधानमंत्री से कोई शिकायत है तो सुप्रीम कोर्ट में शिकायत करें और अगर गलत बात करेंगे तो प्रशासन आपको सजा देगा।

इसी बात को लेकर गाजीपुर के नोनहरा थाना के विशुनपुरा निवासी विशाल गाजीपुरी ने उनके खिलाफ जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज कराया। इसके साथ ही उनका नंबर यूट्यूब पर डाल दिया। जिसके बाद से उनके फोन पर लगभग 8500 धमकी भरी कॉल भी आये।  गिरिजा शंकर ने यह भी बताया की गाजीपुर स्थित एक स्टूडियो में विशाल और उसके सहयोगियों ने ऐसे और भी कई अन्य आपत्तिजनक और अमर्यादित गाने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में गाए हैं। इसके साथ ही विशाल और उसके अन्य साथी हिंदू धर्म के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी करते हैं और उनसे रंगदारी भी मांगते हैं। प्रकरण की शिकायत एसएसपी से की गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई तो जिसके बाद उन्हें कोर्ट जाना पड़ा।