अफसर चेता रहे वास्तविक इलाज खर्च लें, लेकिन निजी चिकित्सालयों का तो त्यौहार है! खैर अबकी अधिकारी सख्त है, दिया गया यह आदेश...

अफसर चेता रहे वास्तविक इलाज खर्च लें, लेकिन निजी चिकित्सालयों का तो त्यौहार है! खैर अबकी अधिकारी सख्त है, दिया गया यह आदेश...

वाराणसी,भदैनी मिरर। निजी चिकित्सालयों में मानो लूट मची हो, शासन द्वारा निर्धारित खर्च मानो सफेद हाथी साबित हो रहा है। निजी चिकित्सालयों में यदि आपने मरीज भर्ती कर दिया तो पांच से दस लाख की हैसियत रखिये। यह सब शिकायतें अफसरों तक पहुंच रही है, इसलिए तो मंगलवार को बैठक में कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने चेताया कि निजी चिकित्सालय मान जाए आपदा में अवसर न तालशे और सही इलाज खर्च ही ले।

मण्डलायुक्त दीपक अग्रवाल ने कहा कि जो निजी अस्पताल ऐसे हैं जो बड़े पैमाने पर चल रहे हैं या जो भी  आर्थिक रूप से सक्षम हों वे लिक्विड आक्सीजन प्लांट अपने अस्पताल में स्थापित कराना चाहें तो प्रशासन के सहयोग से लगवा सकते हैं, क्योंकि यह भविष्य में अस्पताल के लिए वरदान साबित होगा। उन्होंने सभी अस्पतालों को रिसेप्शन काउंटर पर अस्पताल का स्टेटस, खाली बेडों की संख्या, आक्सीजन की उपलब्धता, आईसीयू बेड, भर्ती मरीजों की संख्या, डिस्चार्ज मरीजों की संख्या आदि का विवरण डिस्प्ले बोर्ड पर प्रतिदिन अपडेट करते हुए दर्ज करें। उन्होंने यह भी कहा कि इलाज के लिये लगातार सुविधाएं बढ़ाने के साथ-साथ अब इलाज को क्वालिटेटिव, एडमिनिस्ट्रेटिव और मेडिकली मजबूत करने पर बल दिया जाये। हम अपने बेस्ट इफर्ट से जितने ज्यादा से ज्यादा लोगों को बचा पायेंगे हमारा लोगों में विश्वास कायम होगा और आत्म बल भी बढ़ेगा कि जिस विश्वास के साथ लोग हमारे पास आये हम उनकी मदद कर सके।


कोरोना की रफ्तार पर जल्द से जल्द और सफलता के साथ ब्रेक लगाने और कोविड मरीजों के इलाज में किसी भी स्तर पर बिना समय गंवाए उसका उपचार शुरू हो जाय, इसके साथ ही अन्य छोटी - बड़ी समस्याओं पर जिले के सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों से आये संचालक व प्रबंधक के सुझावों और बतायी गयी कमियों को दूर करने पर प्रभावी रूप से कार्य करने पर मंथन किया गया।


 एमएलसी ए.के.शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को सर्किट हाउस सभाकक्ष में एक आवश्यक बैठक हुई जिसमें जिले के सभी अस्पतालो के डाक्टरों ने भाग लिया। ए.के.शर्मा ने जिले की सभी सामुदायिक और प्रथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को 15 मई तक 24 घंटे पूरी क्षमता से चलाये जाने का निर्देश दिया तथा सभी कर्मचारियों की छुट्टियां निरस्त करते हुए शिफ्ट में ड्यूटी करने की कड़ी हिदायत दी। उन्होंने कहा कि अगर अगले 10 दिनों तक जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों के साथ साथ पीएचसी, सीएचसी इस प्रकार कार्य करेंगे तो कोरोना पर ब्रेक लगाने में हम सक्षम होंगे और मरीजों की संख्या कम से कम कर सकेंगे।  ए.के.शर्मा ने सभी डाक्टरों से आग्रह किया कि आप पर मरीजों का इलाज मेहनत से कर रहे हैं आप पर दबाव है फिर भी थोड़ा संयम और शालीनता बरतें और अब गुड टू बेटर करने की जरूरत है। मरीजों के परिजनों को मरीज की जानकारी देने की व्यवस्था बनाने की बात भी कही।


होमी भाभा कैंसर अस्पताल के डाक्टरों के 24 घंटे लैब टेस्टिग चालू रखने के सुझाव पर अमल करने का निर्णय लिया गया। सभी अस्पतालों के रिसेप्शन काउंटर पर मेडिकल सुविधाएं हासिल करने से सम्बंधित फोन नंबर जिसमें, आक्सीजन, रेमडिसिविर, शव वाहिनी, कंट्रोल रूम, एम्बुलेंस सुविधा आदि  आवश्यक रूप से डिस्प्ले करने का निर्देश दिया गया। 
    

पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने कहा कि वैक्सिनेशन केंन्द्रों पर भीड़ लगने और लोगों द्वारा बिना पंजीकरण पहुंच कर वैक्सीन लगाने की मांग करने वालों को नियंत्रित करने के लिए उन केन्द्रों की सूची उपलब्ध कराने को कहा। जिलाधिकारी द्वारा शहरी और ग्रामीण सभी क्षेत्रों में कोरोना लक्षण वाले मरीजों को कोरोना मेडिसिन किट घर पर उपलब्ध कराने में लगी टीमों की जानकारी दी गई तथा अस्पतालों में आक्सीजन कंसेन्ट्रेटर उपलब्ध कराने, आक्सीजन सिलिंडर के अलावा अन्य आवश्यक जानकारी दी गई। जिससे अधिक से अधिक लोग प्रारंभिक लक्षण होने पर ही दवा लेकर ठीक हो सकें।


डिप्टी सीएमओ डा संजय राय तथा एसीएमओ डा एन पी सिंह ने कहा कि सभी हेल्थ सेंटर पर एम्बुलेंस दी गयी है तथा पल्स आक्सीमीटर भी है तथा और आक्सीमीटर दिया जा रहा है जिससे आशा एएनएम घर पर ही आक्सीजन लेवल, पल्स रेट की जांच करलें और मरीजो को ग्रामीण क्षेत्रों से  समय रहते अस्पताल में भर्ती हेतु लाया जा सके। बैठक में नगर आयुक्त गौरांग राठी, सीएमओ, सभी सरकारी अस्पतालों के डाक्टर तथा निजी अस्पताल के संचालक सहित सभी सम्बंधित उपस्थित रहे।