मंदिर के पुजारियों की चिंता किसी सरकार ने नहीं की, जबकि मस्जिद और चर्च याद रहे: स्वामी जितेन्द्रानंद

मंदिर के पुजारियों की चिंता किसी सरकार ने नहीं की, जबकि मस्जिद और चर्च याद रहे: स्वामी जितेन्द्रानंद


वाराणसी, भदैनी मिरर। अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेन्द्रानंद ने कहा है कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के कारण सभी मठ-मंदिर तो बन्द है। सभी बड़े मंदिर सरकारों के अधीन है, राज्य सरकारें कब्जा करके बैठी हुई है। ऐसे में छोटे मंदिरों में भक्तों के न आने से वहां के पुजारियों और सेवादारों के सामने आर्थिक समस्या का संकट पैदा हो गया है। 


स्वामी जितेन्द्रानंद ने कहा कि अखिल भारतीय संत समिति प्रधानमंत्री से मांग करती है कि उन्होंने देश के 80 करोड़ परिवारों की चिंता तो की है लेकिन पुजारियों और सेवादारों के घर के चूल्हे कैसे जलते होंगे उसकी चिंता किसी ने नहीं की है।


स्वामी जितेन्द्रानंद ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल के दौरान भी अल्पसंख्यक वोटों के कारण सभी ने चर्च के पादरियों और मस्जिदों के मौलानाओं के वेतन की चिंता सभी ने की। ऐसे में हम सरकार से मांग करते है कि वह हमारे अधिग्रहित मंदिरों को स्वयं मुक्त करें ताकि छोटे मंदिरों का हम खर्च स्वयं उठा सके, अथवा आप स्वयं सभी छोटे-बड़े मंदिरों के पुजारियों और सेवादारों के परिवारों की चिंता करें।