भेलूपुर के चर्चित डकैती कांड के मुख्य आरोपी गुरु जी गिरफ्तार! उठेगा रहस्य से पर्दा? 

भेलूपुर के चर्चित डकैती कांड के मुख्य आरोपी अजीत मिश्र उर्फ गुरु जी को वाराणसी कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच की टीम ने लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया है. पूछताछ के बाद आज रविवार को उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा.

भेलूपुर के चर्चित डकैती कांड के मुख्य आरोपी गुरु जी गिरफ्तार! उठेगा रहस्य से पर्दा? 

वाराणसी, भदैनी मिरर। भेलूपुर शंकुलधारा के आदि शंकराचार्य कॉलोनी में स्थित गुजरात की फर्म कार्यालय से 1.40 करोड़ की डकैती प्रकरण में तिलमापुर सारनाथ निवासी मुख्य अभियुक्त अजीत मिश्रा उर्फ गुरु जी को वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने लखनऊ से दबोच लिया है. मुख्य आरोपी से पुलिस अज्ञात स्थान पर पूछताछ कर रही है. आज उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा.

ऑफिस में घुसे थे असलहाधारी

गुजरात के फर्म के कर्मचारी विक्रम सिंह के अनुसार 29 मई की रात अजीत मिश्रा उर्फ गुरु जी 12 असलहाधारियों के साथ शंकुलधारा स्थित आदि शंकराचार्य कॉलोनी स्थित कार्यालय में घुस आए. मारपीट और धमकाकर कलेक्शन के 1.40 करोड़ रुपए लूट लिए. अगले दिन 30 मई की रात नाटकीय ढंग से लावारिश गाड़ी में 92.94 लाख रुपए बरामद हुए थे. इस केस में 12 अज्ञात असलहाधारियों के खिलाफ भेलूपुर थाने में डकैती सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया था. इस प्रकरण में चार आरोपी नवलपुर निवासी सच्चिदानंद उर्फ मंटू राय, शिवकुटी (प्रयागराज) के सलोरी निवासी घनश्याम मिश्रा, कादीपुर (सुल्तानपुर) थाना क्षेत्र के बुढ़ाना निवासी प्रदीप पांडेय, रानीगंज (प्रतापगढ़) थाना क्षेत्र के मो. वसीम को जेल भेजा गया है. वहीं, मामले ने जब तुल पकड़ा तो मुख्य अभियुक्त अजीत मिश्रा उर्फ गुरु जी अपना मोबाइल स्विच ऑफ करके भूमिगत हो गए थे. हालांकि अजीत मिश्रा के पिता ने पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन के पास अप्लिकेशन देकर पूरे प्रकरण के निष्पक्ष जांच की मांग की थी.

पूछताछ में खुल सकेंगे कई राज

मुख्य अभियुक्त अजीत मिश्रा उर्फ गुरु जी से पुलिस पूछताछ में कई राज खुल सकते है. शुरु से ही घटनाक्रम संदेह के घेरे में है. इस दौरान पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने अजीत मिश्रा और तत्कालीन चौकी प्रभारी खोजवाँ सुशील कुमार के बातचीत का एक ऑडियो वायरल किया था, जिसमें पैसे के शीघ्र बरामद होने की बात हो रही थी और 49-50 लाख की बरामदगी की बात सुनी गई. जबकि इस मामले में सीओ साहब के विशेष रूचि लेने की बात भी हो रही थी. इसके अलावा एडीसीपी का भी जिक्र सुना गया था.

सात पुलिसकर्मी हुए थे बर्खास्त

पूरे प्रकरण में लापरवाही बरतने और उच्चाधिकारियों को पूरे प्रकरण की जानकारी ससमय न देने के आरोप में डीसीपी काशी जोन आर.एस. गौतम ने तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक भेलूपुर रामाकांत दूबे सहित सात पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया था, जांचोपरांत भूमिका संदिग्ध होने एडिशनल सीपी संतोष सिंह ने रिपोर्ट के आधार पर इंस्पेक्टर रमाकांत दुबे, SI सुशील कुमार, SI महेश कुमार, SI उत्कर्ष चतुर्वेदी, कॉन्स्टेबल महेंद्र कुमार पटेल, कपिल देव पांडेय, शिवचंद्र को बर्खास्त कर दिया था.