BHU रेजिडेंट चिकित्सक पर शादी का झांसा देकर रेप का आरोप, 7 माह पहले हुई थी पहचान, ADCP को सौंपी गई जांच...

BHU resident doctor accused of rape on the pretext of marriage was identified 7 months ago investigation handed over to ADCPBHU रेजिडेंट चिकित्सक पर शादी का झांसा देकर रेप का आरोप, 7 माह पहले हुई थी पहचान, ADCP को सौंपी गई जांच...

BHU रेजिडेंट चिकित्सक पर शादी का झांसा देकर रेप का आरोप, 7 माह पहले हुई थी पहचान, ADCP को सौंपी गई जांच...

वाराणसी,भदैनी मिरर। अपर पुलिस आयुक्त (एडिशनल सीपी) को अधिवक्ता के माध्यम से भेजे गए शिकायती पत्र पर एक छात्रा में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सर सुंदरलाल अस्पताल के रेसिडेंस डॉक्टर पर शादी का झांसा देकर बलात्कार का आरोप लगाया है। छात्रा ने यह भी आरोप लगाया है कि एडिशनल सीपी सुभाष चंद्र दूबे के आदेश के बाबजूद लंका इंस्पेक्टर वेदप्रकाश राय और चौकी इंचार्ज बीएचयू पीड़िता का मुकदमा लिखने के बजाय सुलह करने का दबाब बना रहे है। इस प्रकरण की जांच एडिशनल सीपी ने एडीसीपी महिला अपराध ममता रानी चौधरी को जांच के आदेश दिए है।

7 माह पहले हुई थी चिकित्सक से जान पहचान

मूल रुप से देवरिया निवासी पीड़िता वाराणसी के घौसाबाद नदेसर में रहकर शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की तैयारी करती है। 7 माह पहले पीड़िता बीएचयू अस्पताल में इलाज कराने के लिए गई थी। बीएचयू में उसकी मुलाकात रेजिडेंट डॉक्टर से हुई और रेजिडेंट डाक्टर ने छात्रा से उसका मोबाइल नंबर ले लिया। डॉक्टर छात्रा को लगातार फोन करने लगा और फोन पर प्रेम का इजहार करता रहा। छात्रा कुछ समय बाद अस्पताल में दिखाने पहुंची तो मोहर्रम की वजह से बीएचयू अस्पताल बंद था। रेजिडेंट डॉक्टर ने बहला फुसलाकर छात्रा को धनवंतरी हॉस्टल (BHU) में ले गया। वहा पर रेजिडेंट डॉक्टर ने छात्रा के साथ शादी का झांसा दिया और कमरे में जबरदस्ती उसके साथ रेप किया। 

टालमटोल करने पर की शिकायत

छात्रा का आरोप है कि रेजिडेंट डॉक्टर के वह बहकावे में आ गई। छात्रा ने कुछ समय बाद आरोपी डॉक्टर से शादी करने के लिए कहने लगी तो  डॉक्टर ने टालमटोल करना शुरु कर दिया। आरोपी चिकित्सक ने कहा कि अभी वह पोस्टग्रेजुएट की परीक्षा दे रहा है, उसके बाद वह शादी करेगा। धीरे-धीरे दोनों के बीच मनमुटाव पैदा हुआ और चिकित्सक ने शादी करने से इंकार कर दिया। छात्रा ने इस पूरे मामले की शिकायत चीफ प्रॉक्टर ऑफिस और आयुर्वेद विभाग में लिखित की। जिसके बाद आरोपी रेजिडेंट चिकित्सक ने फोन पर गाली-गलौज और धमकी देने लगा।

एडिशनल CP ने दिया था मुकदमा दर्ज करने का आदेश

छात्रा का आरोप है कि इस पूरे मामलें को लेकर वह 5 जनवरी को लंका थाने पर लिखित शिकायत की। पीड़िता की शिकायत अनसुनी किए जाने के बाद वह अधिवक्ता के माध्यम से अपर पुलिस आयुक्त सुभाषचन्द्र दुबे से की। अपर पुलिस आयुक्त  सुभाष दुबे ने इस पूरे प्रकरण में लंका थाने को जांच कर मुकदमा लिखने का आदेश दिया और पीड़िता को थाने जा कर मिलने को कहा। पीड़िता लंका थाने पहुंची तो लंका पुलिस मुकदमा लिखने के बजाए पीड़िता का दौड़ाती रही। अब पूरे प्रकरण की जांच एडीसीपी महिला क्राइम ममता रानी चौधरी को सौंपी गई है।