नशे में धुत होकर उत्पात मचाने वाला मंडुवाडीह थाने का सिपाही हुआ निलंबित, ACP कैंट को सौंपी गई विभागीय जांच...

शराब के नशे में उत्पात मचाने वाले सिपाही को फरियादी और पत्रकारों से बदसलूकी करना भारी पड़ गया है. पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश ने निलंबित करते हुए विभागीय जांच एसीपी कैंट को सौंप दी है.

नशे में धुत होकर उत्पात मचाने वाला मंडुवाडीह थाने का सिपाही हुआ निलंबित, ACP कैंट को सौंपी गई विभागीय जांच...

वाराणसी, भदैनी मिरर। मंगलवार की रात शराब की नशे में धूत होकर वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के मंडुवाडीह थाने पर तैनात सिपाही विनय कुमार सिंह के उत्पात मचाए जाने की जानकारी होने पर डीसीपी वरुणा जोन द्वारा प्रारंभिक जांच में दोषी पाया गया. जिसके बाद पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश ने सिपाही विनय कुमार सिंह को निलंबित करते हुए उसके विरुद्ध विभागीय जांच एसीपी कैंट मनीष शांडिल्य को सौंपी है. साथ ही निर्देश जारी करते हुए कहा है की ड्यूटी के दौरान किसी भी पुलिसकर्मियों की शिकायत मिलती है तो तत्काल उसके विरुद्ध कार्यवाही अमल में लाई जाएगी. उन्होंने कहा की अफसर अपने मातहतों को इस बात की चेतावनी दे की आमजन से किसी भी दशा में दुर्व्यवहार न हो.

बता दें, की थाने में सिपाही के उत्पात मचाए जाने की खबर मिलने पर पहुंचे पत्रकारों से भी सरकारी जीप का कांस्टेबल चालक विनय कुमार सिंह ने अभद्रता करते हुए देख लेने की धमकी दी थी. बुधवार सुबह से ही जब विभाग की किरकिरी शुरु हुई तो जांच में प्रारंभिक दोषी मिलने पर पुलिस कमिश्नर ने निलंबन की कार्रवाई कर दी है.


पूर्व IPS ने ट्वीट कर की थी शिकायत

पूर्व IPS अधिकार और अधिकार सेना के संयोजक अमिताभ ठाकुर ने मंगलवार रात ही ट्वीट कर शिकायत किया की छात्र अधिकार सेना वाराणसी के अध्यक्ष रितेश सिंह को मंडुवाडीह थाने के सिपाही विनय कुमार सिंह ने अकारण ही थप्पड़ मारा है. रितेश एक शिकायत लेकर मंडुवाडीह थाने गए थे. उसके पहले सिपाही के तांडव का गवाह पूरा थाना रहा. सूचना पर जैसे ही गश्त करके थानाध्यक्ष राजीव कुमार वापस मंडुवाडीह थाने पहुंचे तो पता लगा कि सिपाही विनय कुमार सिंह ने कई अन्य लोगों के साथ भी बदसलूकी और हाथापाई की है. इसके साथ ही उसने पत्रकारों से भी अभद्रता की थी. मंडुवाडीह थानाध्यक्ष ने लोगों को शांत कराया और शराब के नशे में धुत सिपाही विनय का मेडिकल मुआयना कराने के लिए उसे पुलिसकर्मियों के साथ अस्पताल भेजा.
डीसीपी वरुणा जोन आरती सिंह के अनुसार, प्रकरण की जांच कैंट सर्किल के सहायक पुलिस आयुक्त को सौंपी गई थी. उन्हें जांच कर प्रकरण में उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था. प्रारंभिक जांच और मेडिकल में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की गई है.