ज्ञानवापी प्रकरण फैसला: कोर्ट ने वाद को पोषणीय माना, 22 सितंबर को होगी अगली सुनवाई, सुरक्षा के कड़े प्रबंध...

जिला जज अजय कृष्ण विश्वेस की कोर्ट ने सोमवार को ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी प्रकरण में फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने कड़ी सुरक्षा के बीच वाद को सुनने योग्य माना है.

ज्ञानवापी प्रकरण फैसला: कोर्ट ने वाद को पोषणीय माना, 22 सितंबर को होगी अगली सुनवाई, सुरक्षा के कड़े प्रबंध...

वाराणसी, भदैनी मिरर। ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी विवाद मामले में जिला जज अजय कृष्ण विश्वेस की कोर्ट ने 26 पन्ने में अपना फैसला सुना दिया है. जिला जज ने वाद को पोषणीय माना है.वाराणसी-ज्ञानवापी परिसर को लेकर दायर मुकदमानंबर 693/2021(18/2022) राखी सिंह बनाम उत्तर प्रदेश  राज्य में मुकदमा को न्यायालय में चलने योग्य माना है. प्रतिवादी संख्या 4 अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमिटी के द्वारा दिऐ गऐ  7/11  के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया. इस प्रकरण में अब अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी. फैसला आने के बाद हिंदू पक्ष के पैरोकारों में खुशी का माहौल है. कोर्ट परिसर से बाहर निकलते ही हर-हर महादेव का उद्घोष होने लगा. जिला जज अजय कृष्ण विश्वेश ने जब फैसला सुनाया तब हिंदुपक्ष के वकील हरिशंकर जैन और विष्णु जैन इस दौरान मौजूद थे. इसके अलावा 5 वादी महिलाओं में से 3 - लक्ष्मी देवी, रेखा आर्य और मंजू व्यास पहुंचीं. राखी सिंह और सीता साहू नहीं आईं. कोर्ट रूम में पक्षकारों व उनके वकीलों के कुल करीब 40 लोगों को ही एंट्री मिली. कोर्ट रूम से 50 कदम दूर ही बाकी लोगों की इंट्री रोकी दी गई थी.

उधर जिला अदालत का फैसला आने के बाद फैसले से मुस्लिम पक्षकार नाराज दिखे। मुस्लिम पक्षकारों ने कहा है की ये फैसला न्यायोचित नहीं है। हम फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।

कड़ाई से कोर्ट के आदेश का कराया जायेगा पालन: एडीजी कानून - व्यवस्था

ADG लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने कहा,"अलर्ट जारी किया गया है. कोर्ट का आदेश जो कुछ भी होगा. उसका पालन कराया जाएगा. उपद्रवी और अराजक तत्वों से निपटने के लिए पुख्ता व्यवस्थाएं की गईं हैं. सेक्टर स्कीम के तहत हमारी पुलिस व प्रशासन भ्रमण कर रहे है. आज मंडे है, सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुल गए है." सतर्कता के चलते गलियों में इकट्‌ठा लोगों को घर में ही रहने के लिए कहा जा रहा है. संवेदनशील इलाकों में फोर्स के साथ LIU को भी तैनात किया गया है. सोशल मीडिया की मॉनिटरिंग हो रही है. जिला अदालत परिसर में खास चौकसी बरतते हुए बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड तैनात किया गया है.

कचहरी और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पर अत्यधिक सतर्कता

 

फैसले आने की पूर्व संध्या से ही पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश सुरक्षा व्यवस्था को समय-समय पर रिव्यू कर रहे है. वह खुद सोमवार की सुबह से ही पुलसिकर्मियों के ड्यूटी प्वाइंट और सतर्कता की जांच में जुटे है. लोकल इंटेलिजेंस ब्यूरो (LIU) से सभी संवेदनशील क्षेत्रों के अपडेट ले रहे है. खुद धर्मगुरुओं से लगातार संपर्क में है.

उधर, सोशल मीडिया हैंडल कर रहे पुलिसकर्मियों से फीडबैक भी हासिल कर रहे है. उन्होंने स्पष्ट कहा है की किसी भी दशा में फैसले के बाद कोई भी व्यक्ति अफवाह फैलाता है तो तत्काल चिन्हित कर लिया जाए.   कमिश्नरेट पुलिस ने कचहरी से लेकर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक की  सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर दी है.

इन पांच महिलाओं ने किया था वाद दाखिल

ज्ञानवापी परिसर में स्थित मां श्रृंगार गौरी और अन्य देव विग्रहों की सुरक्षा व नियमित पूजा से संबंधित मुकदमा सिविल कोर्ट में 18 अगस्त 2021 को राखी सिंह, सीता साहू, मंजू व्यास, लक्ष्मी देवी और रेखा पाठक ने दाखिल किया था। जिसकी सुनवाई करते हुए सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत ने ज्ञानवापी परिसर के सर्वे का आदेश दिया था।

जिसके बाद एडवोकेट कमिश्नर की निगरानी में हुए सर्वे के दौरान हिंदू पक्ष ने दावा किया कि ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने में आदि विश्वेश्वर का शिवलिंग मिला है। वह एक अहम साक्ष्य है, इसलिए उसे संरक्षित किया जाए। जिसके बाद हिंदू पक्ष के दावे पर कोर्ट ने वजूखाने को सील करने का आदेश दिया था। वजूखाने को सील किए जाने के आदेश के बाद मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में सर्वे के आदेश के खिलाफ याचिका दाखिल की थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि मुकदमे की सुनवाई जिला जज की कोर्ट करे। जिला जज की कोर्ट यह देखे कि मां श्रृंगार गौरी का मुकदमा सुनवाई योग्य है या नहीं है।