2 याचिकाओं पर कोर्ट में हुई हियरिंग: धार्मिक भावना आहत करने के मामले में मंगलवार को आएगा फैसला, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के मामले में जिला जज करेंगे सुनवाई...

ज्ञानवापी प्रकरण से जुड़े दो याचिकाओं पर कोर्ट में हियरिंग हुई। मसाजिद कमेटी के सदस्यों पर मुकदमे की मांग संबंधित याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई है. फैसला कल यानी मंगलवार को आने की उम्मीद है. वही स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की याचिका जिसमें ज्ञानवापी सर्वे के दौरान मिले शिवलिंग के दर्शन पूजन की मांग की गई थी उसे जिला जज द्वारा अब सुना जाएगा.

2 याचिकाओं पर कोर्ट में हुई हियरिंग: धार्मिक भावना आहत करने के मामले में मंगलवार को आएगा फैसला, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के मामले में जिला जज करेंगे सुनवाई...

वाराणसी,भदैनी मिरर। ज्ञानवापी सर्वे से जुड़े दो अहम याचिकाओं पर आज कोर्ट में हियरिंग हुई। अंजुमन कमेटी के पदाधिकारियों पर मुकदमा दर्ज करने के मामले में स्पेशल सीजेएम की कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसका फैसला कल यानी मंगलवार को आ सकता है। 
वहीं, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रभारी जिला जज की कोर्ट ने कहा कि इस प्रकरण को जनपद न्यायाधीश द्वारा सुना जाना न्यायसंगत होगा। इसके साथ ही पत्रावली सुनवाई के लिए जिला जज की कोर्ट के लिए स्थानांतरित कर दी गई है। अब पत्रावली जिला जज की कोर्ट में पेश की जाएगी।

शिवलिंगनुमा आकृति के पास गंदगी फैलाने का अंजुमन कमेटी पर आरोप

दूसरी याचिका चौबेपुर क्षेत्र के बर्थराकला निवासी वकील राजा आनंद ज्योति सिंह की है जो उन्होंने 3 जून को स्पेशल सीजेएम की कोर्ट में दायर की थी। इस आवेदन में कहा गया है कि ज्ञानवापी परिसर के वजूखाने में जहां सर्वे के दौरान शिवलिंगनुमा आकृति मिली है वहां लोग हाथ-पैर धोते हैं। ये तब है जब उन्हें ये भली-भांति पता है कि वहां शिवलिंग है। आरोप ये भी है कि अदालत के आदेश के बाद भी लोग वहां हाथ-पैर धोने की जिद पर अड़े रहे। इससे असंख्य सनातन धर्मियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई है। याची पुलिस से शिकायत भी कर चुके हैं। इसी याचिका के पोषणीयता पर कोर्ट ने सुनवाई कर फैसला सुरक्षित रख लिया है।

दूसरी याचिका स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की याचिका अर्जेंट प्रकृति की है। इसके तहत स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से उनके अधिवक्ता रमेश उपाध्याय ने प्रभारी जिला जज की अदालत में दायर याचिका में शिवलिंगनुमा आकृति (आदि विश्वेश्वर) के नियमित पूजा-पाठ की मांग की गई है। ये याचिका चार जून की शाम दायर की गई थी। बता दें कि दीवानी अदालत में ग्रीष्मावकाश चल रहा है जिसके चलते याचिका को अर्जेंट प्रकृति का मान करके सुनवाई की मांग की गई है।

उधर, चार जून को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने जलमार्ग से ज्ञानवापी जाकर मिले शिवलिंग के पूजन-अर्चन की घोषणा कर दी थी। जिसके बाद न्यायालय में वाद लंबित होने का हवाला देकर जिला प्रशासन ने उन्हें मठ में ही रोक लिया। जिससे आक्रोशित होता वह अन्न-जल का त्याग कर मठ में ही अनशन पर बैठ गए है।