काशी में श्रद्धापूर्वक मनाया जा रहा अक्षय नवमी का पर्व, आंवले के वृक्ष का महिलाएं कर रही पूजन-अर्चन, जाने महत्त्व...

सात वार नौ त्यौहार के लिए मशहूर काशी में अक्षय नवमी का पर्व धूम धाम से मनाया जा रहा है. महिलाएं आंवले के वृक्ष का पूजन अर्चन कर दान पुण्य कर रही है.

काशी में श्रद्धापूर्वक मनाया जा रहा अक्षय नवमी का पर्व, आंवले के वृक्ष का महिलाएं कर रही पूजन-अर्चन, जाने महत्त्व...

वाराणसी, भदैनी मिरर। धर्म नगरी काशी में अक्षय नवमी का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है. कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर आंवले के वृक्ष के नीचे भगवान विष्णु का पूजन किया जा रहा है. मान्यता है की आंवले के वृक्ष में भगवान विष्णु का वास होता है. अक्षय नवमी के पूजन से भगवान लक्ष्मी खुश होती है और धन से जुड़ी समस्याएं समाप्त होती है. काशी के धर्मसंघ में सैकड़ों महिलाओं ने आंवले के वृक्ष का पूजन अर्चन किया. इस दौरान श्रद्धापूर्वक भगवान हरि की आरती उतारी और भोग लगाकर ब्राम्हणों को भोजन करवाया.

दान का है विशेष महत्त्व

श्रद्धालु डाक्टर भारती मिश्रा ने बताया की सनातन परंपरा के मुताबिक आज ही के दिन भगवान वृंदावन छोड़कर मथुरा गए, अर्थात क्रीड़ा लीला को छोड़कर कर्तव्यपथ की ओर आगे बढ़े. इसलिए आज का दिन हमारे लिए महत्वपूर्ण है. अक्षय नवमी के दिन दान का विशेष महत्त्व है, आज के दिन किया गया दान इंसान को सर्वाधिक मिलता है, इसलिए हम महिलाएं आंवले का पूजन कर, वटुकों को भोजन आदि कराकर कंबल का दान कर रही है.