34 DBC घर-घर खोजेंगे मच्छरों के लार्वा प्रजनन स्रोत, स्वास्थ्य विभाग ने की थी डूडा से मांग...

जिला मलेरिया अधिकारी कार्यालय में सभी 34 घरेलू प्रजनन जांचकर्ताओं को प्रशिक्षण संचारी रोग नियंत्रण के नोडल अधिकारी/एसीएमओ डॉ. एसएस कनौजिया, जिला मलेरिया अधिकारी शरत चंद पाण्डेय व बायोलोजिस्ट डॉ अमित कुमार सिंह ने दिया.

34 DBC घर-घर खोजेंगे मच्छरों के लार्वा प्रजनन स्रोत, स्वास्थ्य विभाग ने की थी डूडा से मांग...

वाराणसी, भदैनी मिरर। ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहले ही वेक्टर सर्विलान्स टीम कार्य रही है. इसी क्रम में डेंगू, मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के लार्वा को खोजकर उन्हें नष्ट करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स (डीबीसी) यानि घरेलू प्रजनन जांचकर्ताओं को प्रशिक्षित किया. अब इन जांचकर्ताओं को शुक्रवार से नगरीय क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में उतारा जाएगा.

जिला मलेरिया अधिकारी कार्यालय में सभी 34 घरेलू प्रजनन जांचकर्ताओं को प्रशिक्षण संचारी रोग नियंत्रण के नोडल अधिकारी/एसीएमओ डॉ. एसएस कनौजिया, जिला मलेरिया अधिकारी शरत चंद पाण्डेय व बायोलोजिस्ट डॉ अमित कुमार सिंह ने दिया. डॉ एसएस कनौजिया ने गुरुवार शाम 6 बजे बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ संदीप चौधरी के निर्देशन में नगरीय क्षेत्र में वेक्टर जनित रोगो की रोकथाम और घर-घर लार्वा जांच के लिए जिला शहरी विकास अभिकरण (डूडा) से विभाग ने घरेलू प्रजनन जांचकर्ताओं की मांग की थी. इसका संज्ञान लेते हुये डूडा की ओर से विभाग को 34 घरेलू प्रजनन जांचकर्ता दैनिक मजदूरी के आधार पर प्राप्त हुये हैं जिन्हें गुरुवार को प्रशिक्षित किया गया.

जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि सभी घरेलू प्रजनन जांचकर्ता घर या बाहर इधर-उधर जमा पानी के स्रोतों पर मच्छरों के लार्वा की जांच करेंगे. लार्वा प्रजनन स्रोत पाये जाने पर उनका विनष्टीकरण का कार्य करेंगे. कूलर, टायर, टंकी आदि जगहों पर एक सप्ताह से अधिक जमा पानी को खाली कराएंगे और साफ-सफाई के लिए जानकारी देंगे. साथ ही प्रचार-प्रसार सामग्री की सहायता से समुदाय को संचारी रोगों से बचाव के लिए ‘क्या करें-क्या न करें’ और ‘हर रविवार मच्छर पर वार’ के प्रति जागरूक करेंगे. दस्तक अभियान के तहत मलेरिया निरीक्षकों, स्वास्थ्यकर्मियों और आशा कार्यकर्ताओं की ओर से जनमानस को जागरूक किया जा रहा है. 

डॉ अमित कुमार सिंह ने बताया कि समस्त जांचकर्ता नगर के सभी वार्डों में भ्रमण कर मच्छरों के लार्वा की जांच करेंगे. एक दिन में कम से कम 50 घरों का भ्रमण करेंगे. इस दौरान एसएमआई अजय कुमार मिश्रा और एमआई चंद्रसेन मौजूद रहे.

 मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की है कि संचारी रोगों से बचाव के लिए अभियान वर्ष पर्यंत चलना चाहिए. सभी अपने घरों के आसपास साफ-सफाई रखें, झाड़ियां न उगने दें, जल जमाव न की स्थिति पैदा होने दें, रुके हुए पानी में जला हुआ मोबिल ऑयल या लार्वा रोधी रसायन डालें, कूलर का पानी सप्ताह में एक बार अवश्य बदलें, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें, कोई भी बुखार का लक्षण दिखे तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच एवं इलाज़ कराएं. झोलाछाप डॉक्टर से बचें. बाहर के दूषित भोजन पानी का प्रयोग न करें. उन्होंने ‘हर रविवार मच्छर पर वार, खत्म करेंगे डेंगू, मलेरिया बुखार’ का संदेश दिया.