विश्व प्रसिद्ध रामनगर रामलीला 2026: द्वितीय गणेश पूजन के साथ हुआ औपचारिक श्रीगणेश
रामलीला पक्की पर विधि-विधान से पूजा संपन्न; अनन्त चतुर्दशी (25 सितंबर) से शुरू होगी ऐतिहासिक रामलीला, 10 दिनों तक गूंजेंगे मानस के दोहे
रामनगर (वाराणसी) / भदैनी मिरर: काशी की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और विश्व प्रसिद्ध रामनगर की रामलीला का सोमवार शाम 'द्वितीय गणेश पूजन' के साथ औपचारिक श्रीगणेश हो गया। नगर चौक स्थित ऐतिहासिक 'रामलीला पक्की' पर मंगलवार शाम परंपरा और विधि-विधान के साथ पूजन अनुष्ठान संपन्न कराया गया।

मुखौटे, पोथी और संवाद पुस्तिकाओं का हुआ अर्चन
पूजन का कार्य रामलीला के व्यास पंडित राम नारायण पाण्डेय ने वैदिक रीति-रिवाज से संपन्न कराया, जिसमें रामलीलाधिकारी जय प्रकाश पाठक ने यजमान की भूमिका निभाई। अनुष्ठान के दौरान भगवान हनुमान के पवित्र मुखौटे, श्रीरामचरितमानस की पोथी, रामलीला की संवाद पुस्तिकाओं और मंचन में प्रयोग होने वाली अन्य सामग्रियों का पूजन किया गया। सिंहासन पर विराजमान भगवान गणेश का अर्चन करने के पश्चात रामायणियों को तिलक लगाकर और माला पहनाकर सम्मानित किया गया।

10 दिनों तक होगा 175 दोहों का स्वर गायन
गणेश वंदना के साथ ही रामायणियों ने रामचरितमानस के शुरुआती सात दोहों का पाठ किया। इसके साथ ही रामलीला पक्की पर रामचरितमानस का नियमित पाठ शुरू हो गया है। आगामी 10 दिनों तक प्रतिदिन रात्रि में रामायणियों द्वारा बाल कांड के 175 दोहों का सस्वर गायन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पक्की पर उन दोहों का गायन किया जाता है, जिनका लीला में सीधा मंचन नहीं होता है।

25 सितंबर 'अनन्त चतुर्दशी' से शुरू होगा मंचन
24 सितंबर तक रामचरितमानस के 175 दोहों का गायन पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके पश्चात, 25 सितंबर (अनन्त चतुर्दशी) को 176वें दोहे के साथ विश्व प्रसिद्ध रामनगर रामलीला का भव्य मंचन शुरू होगा।
गणेश पूजन के इस शुभ अवसर पर पं. शांत नारायण पाण्डेय, अनिल सिंह मणि, चन्द्र शेखर पप्पू, मनोज श्रीवास्तव, संदीप चौरसिया और आशुतोष पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में रामलीला प्रेमी उपस्थित रहे। अनुष्ठान के अंत में उपस्थित श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।
