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वाराणसी में धूमधाम से मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस: पारंपरिक झांकी के साथ गूंजे संविधान और अधिकारों के नारे, DM को सौंपा 10 सूत्रीय ज्ञापन

'आदिवासी दाइयों का सम्मान' विषय पर संगोष्ठी

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वाराणसी। अंतर्राष्ट्रीय विश्व आदिवासी दिवस (9 अगस्त) के अवसर पर कचहरी स्थित शास्त्री घाट पर गोंड समाज एवं गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के संयुक्त तत्वावधान में विशाल महोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रकृति पूजन, भव्य झांकी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और अधिकार संगोष्ठी का आयोजन बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ हुआ।

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कार्यक्रम का शुभारंभ जनजाति समुदाय के धर्माचार्य भूमक द्वारा पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाज से प्रकृति पूजन के साथ किया गया। इसके बाद पारंपरिक वाद्ययंत्रों और सांस्कृतिक वेशभूषा से सजी एक भव्य झांकी निकाली गई।

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भव्य झांकी और माल्यार्पण

झांकी को मुख्य अतिथि पूर्व विधायक एवं समाजसेवी श्री कैलाश नाथ सोनकर तथा विशिष्ट अतिथि प्रदेश अध्यक्ष श्री सुखु सिंह मरावी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह झांकी अंबेडकर पार्क, जे.पी. मेहता कॉलेज, विकास प्राधिकरण, सर्किट हाउस, जिला मुख्यालय और गोलघर कचहरी होते हुए बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तक पहुंची, जहां कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

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'आदिवासी दाइयों का सम्मान' विषय पर संगोष्ठी

झांकी के पश्चात आयोजित संगोष्ठी में संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा घोषित वर्ष 2026 की थीम "आदिवासी दाइयों को सम्मान: जीवन और कल्याण की रक्षा" पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे।

संगोष्ठी को पूर्व विधायक कैलाश नाथ सोनकर, प्रोफेसर रजनीश गोंड, समाजसेवी अनूप श्रमिक, प्रोफेसर प्रतिमा गोंड, भैया लाल गोंड, मनोज कुमार (पूर्व प्रधान), सुब्रत सिंह पटेल और अशोक पटेल (ग्राम प्रधान) समेत कई प्रमुख वक्ताओं ने संबोधित किया।

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'अधिकार और भागीदारी के लिए अब संगठित हो रहा समाज'

कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्य वक्ताओं ने कहा कि धरती पर सबसे पहले आने वाले आदिवासी समाज ने सेवा भावना से सभी को आगे बढ़ाया, लेकिन आजादी के इतने वर्षों बाद भी उन्हें उनका सही अधिकार, न्याय और उचित राजनीतिक व प्रशासनिक भागीदारी नहीं मिल पाई है।

  • शिक्षा, स्वास्थ्य और संवैधानिक अधिकार: वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि बाबा साहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर के "शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो" के संदेश पर चलते हुए अब आदिवासी समाज अपने शिक्षा, स्वास्थ्य और संख्या के अनुपात में न्यायिक व राजनीतिक अधिकारों के लिए एकजुट हो रहा है।

  • ऐतिहासिक विरासत: महारानी दुर्गावती और भगवान बिरसा मुंडा के बलिदानों को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि समाज अपने अस्तित्व और अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष जारी रखेगा।

जिलाधिकारी को सौंपा 10 सूत्रीय ज्ञापन

कार्यक्रम के अंतिम चरण में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिला अध्यक्ष श्री विनोद शाह मरकाम के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी महोदय को 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा, जिसमें समुदाय की प्रमुख समस्याओं के समाधान और अधिकारों के संरक्षण की मांग की गई।

प्रमुख रूप से रहे मौजूद

इस अवसर पर ओमप्रकाश पोया, शुभम गोंड, शिवजतन गोंड, वीरेंद्र मरकाम, चंद्रमोहन गोंड, राकेश मरावी, उमाशंकर गोंड, राहुल गोंड, शिवकुमार गोंड, दिनेश गोंड, संतोष गोंड, लवकुश गोंड, राजन गोंड, बबलू पोया, राजकुमार पोया, प्रदीप पोया, रामजतन गोंड, लालबहादुर गोंड, दिनानाथ गोंड, आनंद पोया, मनोज मरकाम, संतोष मरकाम, रोहित पोया, छोटेलाल गोंड, तूफानी गोंड, जयप्रकाश और विनोद गोंड समेत सैकड़ों कार्यकर्ता व भारी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।