विश्व गठिया दिवस: एपेक्स हॉस्पिटल में मरीजों ने साझा किए अपने अनुभव, 40 वर्षों में 16,000 से अधिक सफल
चेयरमैन प्रो. डॉ. एस.के. सिंह और डॉ. स्वरूप पटेल ने दी जानकारी; रोबोटिक और 'ज़ीरो एरर' तकनीक से कम उम्र के युवाओं में भी गठिया का प्रभावी इलाज संभव।
वाराणसी (भदैनी मिरर डेस्क): विश्व गठिया दिवस के अवसर पर एपेक्स हॉस्पिटल के एडवांस्ड जोड़ प्रत्यारोपण सेंटर द्वारा एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अस्पताल के चेयरमैन एवं वरिष्ठ जोड़ प्रत्यारोपण सर्जन प्रो. डॉ. एस.के. सिंह के संरक्षण और वरिष्ठ रोबोटिक एवं जोड़ प्रत्यारोपण सर्जन डॉ. स्वरूप पटेल के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में अस्पताल के 40 वर्षों के सफर के दौरान हुए 16,000 से अधिक सफल घुटना, कूल्हा, कंधा, कोहनी और एड़ी जोड़ प्रत्यारोपण (Joint Replacement) के अनुभवों को मरीजों के साथ साझा किया गया।

युवाओं और महिलाओं में तेजी से बढ़ रही है गठिया की समस्या
इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए प्रो. डॉ. एस.के. सिंह ने बताया कि पहले जोड़ों के दर्द और गठिया (Arthritis) की समस्या मुख्य रूप से बढ़ती उम्र के लोगों में देखने को मिलती थी। हालांकि, वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली, खानपान और शारीरिक सक्रियता की कमी के कारण यह समस्या महिलाओं के साथ-साथ कम उम्र के युवाओं में भी तेजी से पैर पसार रही है।
डॉ. सिंह ने सलाह दी कि यदि शुरुआती दौर में ही गठिया के लक्षणों की पहचान कर ली जाए, तो दवाइयों और नियमित फिजिकल थेरेपी के जरिए इसे नियंत्रित किया जा सकता है। हालांकि, जोड़ अत्यधिक खराब हो जाने की स्थिति में दर्द से स्थाई राहत पाने के लिए जोड़ प्रत्यारोपण (Joint Replacement) ही एकमात्र और सबसे कारगर विकल्प बचता है।
रोबोटिक और 'ज़ीरो एरर' तकनीक से किफायती और सुरक्षित इलाज
एपेक्स हॉस्पिटल में आधुनिक चिकित्सा तकनीक का लाभ मरीजों को सुलभ दरों पर दिया जा रहा है:
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उन्नत तकनीक: रोबोटिक सर्जरी, 'ज़ीरो एरर' नवीनतम तकनीकों और गुणवत्तापूर्ण इम्प्लांट्स के माध्यम से सर्जरी को बेहद सटीक और सुरक्षित बनाया गया है।
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आयुष्मान और कॉर्पोरेट लाभ: आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों के लिए यह सुविधा विभिन्न कॉर्पोरेट पैनल के साथ-साथ आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे हर वर्ग के मरीज को आधुनिक चिकित्सा का लाभ मिल सके।
कार्यक्रम के अंत में मरीजों ने अस्पताल के डॉक्टरों और अपनी सफल सर्जरी के अनुभवों को साझा करते हुए नया जीवन मिलने पर आभार व्यक्त किया।
