जब बच्चा आरोप लगानेवाले के साथ ही था तो यौन अपराध कब और कैसे हुआ-शंकराचार्य
यौन उत्पीड़न के आरोप की चर्चा के बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने दिया बयान
एपस्टीन फाईल की चर्चा से ध्यान भटकाने के लिए उठाया जा रहा मुद्दा
देश के तमाम साधु-संत उनके साथ, मगर सरकार से डरे हुए हैं
वाराणसी, भदैनी मिरर। प्रयागराज से बटुकों की मेडिकल रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की कथित पुष्टि की चर्चा के बीच, वाराणसी में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहाकि उन्होंने जब बच्चा आरोप लगाने वाले के साथ ही था, तो उनके साथ यौन अपराध कब और कैसे हो सकता है? उन्होंने आरोप लगानेवाले आशुतोष पांडेय उर्फ ब्रह्मचारी के सम्बंध में भी कहाकि हिस्ट्रीशीटर के साथ पूरी सरकार खड़ी है। ऐसे में देश के तमाम साधु-संत उनके साथ हैं लेकिन सरकार के डर से वह खुलकर सामने नही आ पा रहे हैं। बदले की भावना के तहत सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग करनेवाली सरकार से वह भी डरे हुए हैं। कई लोग उन्हें फोन कर अपना समर्थन दे रहे हैं, लेकिन वे भयभीत हैं। उन्होंने कहाकि उनके अधिवक्ताओं द्वारा कोर्ट में प्रस्तुत प्रमाण स्पष्ट है।


सोशल मीडिया पर एक महिला द्वारा श्रीविद्या मठ में गुप्त कमरे और स्विमिंग पुल के साथ शीश महल होने की बात पर कहाकि उक्त महिला का परिवार पहले से मठ से जुड़ा था। वह कुछ समय के लिए मठ में आई थी, लेकिन उनसे उनकी कोई मुलाकात नहीं हुई। मठ में अधिक समय बिताने के कारण उन्हें खाली करने के लिए कहा गया। संभवतः इसी वजह से वह महिला मठ के बारे में मीडिया में अनर्गल बयान दे रही हैं। शंकराचार्य स्वामी अवमिक्तेश्वरानंद ने कहाकि दुनिया भर में एपस्टीन फाइल को लेकर चर्चा है। इस मामले से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए यह मामला उछाला जा रहा है।

शंकराचार्य ने कहाकि हम अकेले नही हैं। जब कोई व्यक्ति पद ग्रहण करता है, तो वह स्वयं एक मठ बन जाता है। हम एक गतिशील मठ हैं। हम जहां भी जाते हैं, ज्योतिर्मठ हमारे साथ होता है। ऐसा कहा जाता है कि उस स्थान के शंकराचार्य हमारे साथ होते हैं। वैसे भी हम अपना श्राद्ध, तर्पण और पिंंडदान कर चुके हैं। देश में साधु-संतों को डराने की कोशिश की जा रही है। इसके कारण वह अपने विचार व्यक्त करने में हिचकिचा रहे हैं। साधु संतों का समर्थन उनके साथ है। इस मामले में आगे की कार्रवाई और जांच की प्रतीक्षा की जा रही है, जिससे स्थिति स्पष्ट हो सके।

