Weather Update: बनारस में दिन के बाद अब रात का भी 'रेड अलर्ट', जानें कब तक झेलनी पड़ेगी वार्म नाइट की मार
रविवार तक रतजगा करने को मजबूर होंगे लोग
वाराणसी / भदैनी मिरर ब्यूरो: धर्मनगरी काशी में इस समय सूर्य देव का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। बनारस में प्रचंड गर्मी और लू (Heatwave) का दौर इतना कष्टकारी हो चुका है कि अब दिन के साथ-साथ रातें भी भयंकर तपने लगी हैं। वाराणसी का न्यूनतम तापमान बढ़कर 29.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है, जिसके बाद मौसम विभाग ने 21 और 22 मई के लिए 'वार्म नाइट' (Warm Night) यानी बेहद गर्म रातों का रेड अलर्ट जारी किया है। दिन की चिलचिलाती धूप के बाद रात में भी राहत न मिलने से स्थानीय लोग बेहाल हैं।


मौसम वैज्ञानिक की चेतावनी: रविवार तक रतजगा करने को मजबूर होंगे लोग
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के मौसम विशेषज्ञ प्रो. मनोज श्रीवास्तव के मुताबिक, बनारस और आसपास के इलाकों में बेचैनी पैदा करने वाली इन गर्म रातों का सिलसिला अगले रविवार यानी 24 मई तक जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने भले ही अब अलर्ट जारी किया हो, लेकिन उमस और तपन के कारण बनारस के लोग पिछले कई दिनों से रात-रात भर जागने (रतजगा करने) को मजबूर हैं।

नींद उड़ने की दो मुख्य वजहें: पुरवा हवा और बिजली कटौती
इस समय बनारसियों की रात की नींद गायब होने के पीछे दो बड़े कारण सामने आ रहे हैं:
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पुरवा हवा का असर: वातावरण में चल रही पुरवा हवा के कारण हवा में नमी और उमस (Humidity) काफी बढ़ गई है। इसके चलते रात के समय जो थोड़ी-बहुत शीतलता मिलती थी, वह पूरी तरह गायब हो चुकी है।
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बिजली कटौती का कहर: उमस भरी इस जानलेवा गर्मी के बीच शहर के कई इलाकों में हो रही अघोषित बिजली कटौती ने आग में घी डालने का काम किया है, जिससे लोग सो नहीं पा रहे हैं।
बाजारों में दोपहर को पसरा सन्नाटा
दिन के तापमान की बात करें तो बुधवार को अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 2.8 डिग्री अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 3.3 डिग्री ज्यादा रहा। तीखी तपिश और झुलसाने वाली धूप के कारण वाराणसी के सबसे व्यस्त रहने वाले व्यापारिक इलाके जैसे गोदौलिया, दशाश्वमेध, चौक और विश्वेश्वरगंज में दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा दिखाई दिया। लोग बहुत जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

अगर पुरवा न होती, तो पारा पहुंच जाता 47 डिग्री के पार
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बुधवार को पुरवा हवा का जोर थोड़ा कम था, लेकिन इसने पछुआ हवा को हावी नहीं होने दिया। अगर इस समय पुरवा हवा सक्रिय न होती, तो सूखी गर्मी के कारण वाराणसी का अधिकतम तापमान 44 डिग्री से बढ़कर 46 या 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जाता। पुरवा ने अधिकतम तापमान को तो रोक रखा है, लेकिन दिन भर की तपन को सोखकर रात के वातावरण को भट्टी जैसा बना दिया है, जो इंसानी सेहत और किसानी (कृषि) दोनों के लिए बेहद खतरनाक है।
