वाराणसी: कैंट थाना क्षेत्र में महिला से 10 लाख की रंगदारी, छेड़खानी और मारपीट का आरोप
फूलवरिया निवासी कमलावती देवी ने पुलिस कमिश्नर को पत्र देकर रास्ता रोकने, अभद्रता, रंगदारी मांगने और मंत्री का नाम लेकर जान से मारने की धमकी देने का लगाया आरोप।
भदैनी मिरर डिजिटल डेस्क: वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र अंतर्गत फूलवरिया (मानस नगर कॉलोनी) से दबंगई और रंगदारी मांगने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। पीड़िता कमलावती देवी ने पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी को लिखित प्रार्थना पत्र सौंपकर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

रास्ता अवरुद्ध करने और छेड़खानी का आरोप
प्रार्थना पत्र के अनुसार, पीड़िता कमलावती देवी पत्नी मोहन लाल प्रजापति (निवासी: मानस नगर कॉलोनी, फूलवरिया) की आराजी नंबर 733 (रकबा 5 बिस्वा) स्थित मौजा फूलवरिया, परगना देहात अमानत, तहसील सदर जिला वाराणसी में भूमि है, जो राजस्व अभिलेखों में उनके पति के नाम दर्ज है।
पीड़िता का आरोप है कि 7 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 6:00 बजे स्थानीय निवासी विनय विश्वकर्मा (पुत्र परशुराम विश्वकर्मा) ने उनकी जमीन का रास्ता जबरन बंद कर दिया। जब पीड़िता ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए सीने पर हाथ लगाकर धक्का दे दिया और अश्लील इशारे करते हुए जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने पड़ोसी के मोबाइल से तत्काल 'डायल 112' पर सूचना दी थी।
"10 लाख रुपये दो, वरना जान से मार देंगे"
मामला यहीं शांत नहीं हुआ। आरोप है कि अगले दिन 8 अक्टूबर 2026 की सुबह लगभग 8 से 9 बजे के बीच जब पीड़िता अपनी भूमि की तरफ जा रही थीं, तब आरोपी विनय विश्वकर्मा, उसके भाई बाबू विश्वकर्मा और अन्य 5 सहयोगियों ने उन्हें बीच रास्ते में रोक लिया।
आरोपियों ने स्पष्ट कहा कि "जब तक तुम हमें 10 लाख रुपये नहीं दोगी, तब तक रास्ता नहीं खोला जाएगा।" पीड़िता के विरोध करने पर आरोपियों ने उनके साथ हाथापाई की और धक्का दे दिया। साथ ही 3 दिनों के भीतर रंगदारी न देने पर पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी।
"ऊपर मंत्री जी का हाथ है..."
पीड़िता ने अपने शिकायती पत्र में उल्लेख किया है कि दबंगों ने खुलेआम धमकी देते हुए कहा कि उन पर राजनीतिक रसूख और मंत्री जी का हाथ है, इसलिए उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। इस घटना के बाद से पीड़िता और उनका पूरा परिवार भयभीत है। पीड़िता ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने और परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की गुहार लगाई है।
