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Varanasi Weather: काशी में सुस्ताया मानसून, उमस और तीखी धूप से जनता बेहाल; जानें कब से शुरू होगा झमाझम बारिश का दौर

Varanasi Weather Update: काशी में कमजोर पड़ा मानसून, उमस ने छुड़ाए पसीने; जानें कब झमाझम बरसेंगे बादल

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वाराणसी (भदैनी मिरर डेस्क): धर्मनगरी काशी में मानसून की कमजोर शुरुआत ने स्थानीय निवासियों के साथ-साथ किसानों की भी चिंता बढ़ा दी है। आसमान से राहत बरसाने वाले बादल फिलहाल बनारस से रूठकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा की ओर रुख कर चुके हैं। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक काशी में मानसून की रफ्तार धीमी ही बनी रहेगी, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, राहत की बात यह है कि तीन दिन बीतने के बाद मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ेगा。

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हवा का बदला रुख और नमी में भारी गिरावट

बनारस के वायुमंडल में अचानक आए इस बदलाव की मुख्य वजह वातावरण में नमी की कमी को माना जा रहा है। पुरवा हवा के कमजोर होने से नमी का स्तर जो पहले 95 फीसदी तक था, वह घटकर 80 फीसदी पर आ गया है। शुक्रवार को तो स्थिति और खराब रही, जब सुबह नमी 78 प्रतिशत दर्ज की गई और शाम होते-होते यह गिरकर महज 58 फीसदी रह गई। नमी में आई इसी कमी के कारण मानसून द्रोणिका (Monsoon Trough) कमजोर पड़ गई है।

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क्यों रूठ गए हैं बादल?

यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, मानसून के कमजोर होने की असल वजह बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) है। इसके प्रभाव से मौसमी द्रोणी अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की तरफ खिसक गई है। यही कारण है कि पिछले दो दिनों में काशी में केवल 60 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि मानसून की औपचारिक घोषणा के बाद से अब तक मात्र 5 मिमी पानी ही बरसा है।

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तापमान में उछाल, गर्मी ने किया परेशान

बादलों के गायब होते ही सूरज के तीखे तेवर देखने को मिल रहे हैं। शुक्रवार को वाराणसी का अधिकतम तापमान सामान्य से 2.4 डिग्री सेल्सियस अधिक होकर 37.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 1.4 डिग्री ऊपर यानी 28.4 डिग्री सेल्सियस रहा। दिनभर करीब 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं तो चलीं, लेकिन वे लोगों को राहत देने में नाकाम रहीं और लोग पसीने से तरबतर होते रहे।

किसानों की बढ़ी चिंता

पूर्वांचल के आजमगढ़ में तो शुक्रवार को हल्की बारिश देखने को मिली, लेकिन वाराणसी समेत आसपास के 9 जिलों में सूखा ही रहा। पड़ोसी राज्य बिहार और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में हो रही अच्छी बारिश को देखकर बनारस के किसानों की धड़कनें बढ़ गई हैं, क्योंकि धान की रोपाई के लिए पानी की सख्त दरकार है।

जानिए कब मिलेगी उमस से राहत?

  • आज का अनुमान (शनिवार): मौसम से जुड़ी प्रमुख वेबसाइट 'एक्यूवेदर' के अनुसार, शनिवार को लोकल हीटिंग (स्थानीय स्तर पर तापमान बढ़ने) के कारण तीसरे पहर या उसके बाद शहर के कुछ हिस्सों में हल्की या तेज बौछारें पड़ सकती हैं।

  • 6 जुलाई तक: रविवार और सोमवार तक बादलों की आवाजाही तो बनी रहेगी, लेकिन भारी या अच्छी बारिश की उम्मीद बेहद कम है।

  • 7 से 9 जुलाई (भारी बारिश का अलर्ट): मौसम विज्ञानी प्रो. मनोज श्रीवास्तव और मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 7 जुलाई से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलेगा। 7 से 9 जुलाई के बीच वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक रूप से भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।