वाराणसी: सलारपुर में बारात घर की जमीन पर बिजली घर बनाने का विरोध, ग्रामीणों ने पार्षद के खिलाफ खोला मोर्चा
घनी आबादी के बीच सब-स्टेशन निर्माण से नाराज हुए ग्रामीण, अनशन और बड़े आंदोलन की दी चेतावनी
वाराणसी: जिले के सलारपुर क्षेत्र (वार्ड नंबर 5) में विकास परियोजनाओं को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। बारात घर के लिए पूर्व में प्रस्तावित और बाउंड्री वॉल से घिरी जमीन पर अब बिजली उप-केंद्र (सबस्टेशन) बनाने की तैयारी चल रही है। इस निर्णय की खबर मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने वर्तमान पार्षद पर जनता के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।


वर्ष 2000 से प्रस्तावित है बारात घर
ग्रामीणों के अनुसार, यह मामला दो दशक से भी ज्यादा पुराना है। वर्ष 2000 में तत्कालीन ग्राम प्रधान द्वारा मलीन बस्ती के गरीब परिवारों के लिए सामाजिक कार्यक्रमों हेतु बारात घर (कम्युनिटी हॉल) के लिए जमीन आवंटित की गई थी। इस जमीन की सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल का निर्माण भी हो चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्तमान पार्षद हनुमान प्रसाद इस जमीन का उपयोग बिजली घर बनवाने के लिए करना चाहते हैं, जो सीधे तौर पर गरीबों के अधिकारों का हनन है।

पार्षद पर गुमराह करने का आरोप
विरोध प्रदर्शन कर रहे स्थानीय निवासियों ने पार्षद हनुमान प्रसाद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पार्षद पूर्व ग्राम प्रधान के विरुद्ध मीडिया में भ्रामक बयानबाजी कर रहे हैं और जनता को गुमराह कर रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि बारात घर का आश्वासन मिलने के बावजूद अचानक बिजली घर की योजना लाना समझ से परे है।

सुरक्षा को लेकर डर का माहौल
सब-स्टेशन के निर्माण को लेकर ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता सुरक्षा है। स्थानीय लोगों का तर्क है कि:
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घनी आबादी: बस्ती के बीचों-बीच बिजली घर बनाना किसी बड़े खतरे को न्योता देना है।
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हादसे का डर: तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट की स्थिति में पूरी बस्ती संकट में पड़ सकती है।
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नियमों की अनदेखी: ग्रामीणों का कहना है कि नियमानुसार हाई-वोल्टेज सब-स्टेशन घनी आबादी से दूर होने चाहिए।
गरीब परिवारों की मजबूरी
सलारपुर के निवासियों ने बताया कि यह इलाका मलीन बस्ती से जुड़ा है। यहाँ के गरीब परिवारों के पास शादी-विवाह या अन्य उत्सवों के लिए कोई निजी जगह नहीं है। बारात घर बनने से वे कम खर्च में अपने कार्यक्रम संपन्न कर सकते हैं। बिजली घर बनने से उनकी यह उम्मीद हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।
आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने प्रशासन और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि को दो टूक लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि बारात घर की जमीन पर जबरन बिजली घर का निर्माण शुरू कराया गया, तो वे सलारपुर पोखरे पर अनिश्चितकालीन धरना और अनशन शुरू करेंगे। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि प्रशासन इस निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार करे।
