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वाराणसी: ऑटो विवाद सुलझाने के एवज में सिपाहियों पर घुस लेने का आरोप, पीड़ित ने पुलिस आयुक्त से लगाई न्याय की गुहार

मिर्जामुराद: खजुरी चौकी में न्याय की कीमत का आरोप, पीड़ित से ऐंठे पैसे; अब पुलिस आयुक्त से इंसाफ की गुहार

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वाराणसी। जिले के मिर्जामुराद थाना अंतर्गत खजुरी पुलिस चौकी के प्रभारी चौकी इंचार्ज और दो सिपाहियों पर भ्रष्टाचार, जबरन वसूली तथा धमकाने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस आयुक्त कमिशनरेट जिला वाराणसी को पत्र सौंपकर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है।

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भ्रष्टाचार की खबर

जानकारी के अनुसार (मिर्जामुराद) के कल्लीपुर गांव निवासी सुरेन्द्र कुमार पुत्र स्व. मान्ता बिन्द आरोप लगाया है कि उन्होंने मिर्जामुराद निवासी लखन प्रजापति को ₹1,45,000 में अपनी ऑटो बेची थी, जिसके बयाना के रूप में ₹25,000 प्राप्त हुए थे। बाद में ऑटो खराब होने की बात कहकर विपक्षी द्वारा वाहन वापस करने और बयाना राशि लौटाने की मांग की गई। चूंकि विपक्षी ने लगभग डेढ़ महीने तक ऑटो का इस्तेमाल किया था, इसलिए सुरेन्द्र कुमार ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों ने पुलिस में प्रार्थना पत्र दिया। प्रकरण में बीते 22 अगस्त को ₹13,000 में सुलह-समझौता करा दिया गया।

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पुलिस पर आरोप और भ्रष्टाचार का खेल

पीड़ित का आरोप है कि सुलह कराने के बाद खजुरी चौकी इंचार्ज गणेश पटेल के कहने पर दो सिपाही धर्मेंद्र कुमार और अतुल उनके पास पहुंचे और मामले को निपटाने के एवज में दोनों पक्षों से मोटी रकम ₹1,000 और ₹16,000 की मांग करने लगे। पीड़ित सुरेन्द्र कुमार के अनुसार, उन्होंने गरीब होने की बात कही और बताया कि पुलिस पहले ही उनसे ₹2,000 ले चुकी है। इसके बावजूद, 25 अगस्त को घर आकर धमकी देते हुए पुलिसकर्मियों ने उनसे ₹10,000 और ऐंठ लिए। इसके बाद भी पुलिसकर्मी संतुष्ट नहीं हुए और ₹6,800 अतिरिक्त जबरदस्ती मांगने लगे। मना करने पर ऑटो कबाड़ में बिकवाने, परिवार के सदस्यों को उठवा लेने और जान से मारने की धमकियां दी गईं।

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जब सुरेन्द्र कुमार पैसे का इंतजाम करने अपने परिचित विकास कुमार गोंड की दुकान पर पहुंचे, तो वहां भी दोनों सिपाही आ पहुंचे। विकास कुमार गोंड द्वारा अनुचित पैसे मांगने का विरोध करने पर पुलिसकर्मियों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया और भद्दी-भद्दी गालियां दीं। इतना ही नहीं, पुलिसकर्मियों ने विकास कुमार गोंड के मकान मालिक (शिवपूजन कुमार पटेल) को फोन और व्हाट्सएप के जरिए धमकी दी कि विकास को कमरे से बाहर निकाल दें, वरना उसे झूठे केस में फंसा दिया जाएगा।

पुलिस आयुक्त से जांच और कार्रवाई की मांग

मामले में पीड़ित पक्ष ने घटना से जुड़ी वीडियोग्राफी तथा व्हाट्सएप चैट के पुख्ता प्रमाण वायरल किया। जब सिपाहियों ने जबरदस्ती पकड़ने का प्रयास किया, तो पीड़ित किसी तरह जान बचाकर भागा। जाते-जाते चौकी इंचार्ज गणेश पटेल ने भी विकास को किसी न किसी केस में फंसाने की धमकी दी। पीड़ित सुरेन्द्र कुमार, विकास कुमार और शिवपूजन पटेल ने पूरे मामले तथा उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। आरोपी चौकी इंचार्ज और दोनों सिपाहियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।