वाराणसी: UGC 2026 में आरक्षण प्रावधानों के विरोध में सवर्ण समाज का हल्ला बोल, शास्त्री घाट पर 27वें दिन भी धरना जारी
शास्त्री घाट पर 4 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारी; ADM सिटी ने की वार्ता, 'सवर्ण आयोग' गठन की मांग पर अड़े आंदोलनकारी।
वाराणसी / डिजिटल डेस्क (भदैनी मिरर): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के वर्ष 2026 के नए इक्विटी रेगुलेशन में शामिल आरक्षण प्रावधानों को लेकर सवर्ण समाज का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। वरुणा तट स्थित शास्त्री घाट पर सवर्ण समाज का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन आज 27वें दिन भी पूरी उग्रता के साथ जारी रहा।

आंदोलन को और तेज करते हुए प्रदर्शनकारियों ने पिछले चार दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। धरना स्थल पर मौजूद छात्र व समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि मांगों पर विचार न होने की स्थिति में भूख हड़ताल पर बैठने वालों की संख्या में और इजाफा किया जाएगा।

प्रशासनिक हलचल: मौके पर पहुंचे एडीएम सिटी
शास्त्री घाट पर तनावपूर्ण स्थिति और भूख हड़ताल की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एडीएम सिटी (ADM City) डॉ. राजेश भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने धरना स्थल का जायजा लिया और भूख हड़ताल पर बैठे आंदोलनकारियों से वार्ता कर ज्ञापन प्राप्त किया। हालांकि, प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे।

"जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, जारी रहेगा आंदोलन"
धरने का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधियों ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक केंद्र सरकार UGC 2026 से संबंधित विवादित आरक्षण प्रावधानों को वापस लेने की घोषणा नहीं करती, तब तक यह प्रदर्शन समाप्त नहीं होगा।
प्रदर्शनकारियों की स्पष्ट शर्त है कि या तो स्थानीय सांसद (प्रधानमंत्री) या केंद्र सरकार का कोई अधिकृत मंत्री खुद मौके पर आकर उनसे बात करे और उनकी मांगों का समाधान निकाले, अन्यथा यह अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें:
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UGC 2026 रेगुलेशन में संशोधन: यूजीसी के नए इक्विटी रेगुलेशन से संबंधित विवादित प्रावधानों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
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आर्थिक आधार पर आरक्षण: वर्तमान आरक्षण व्यवस्था में व्यापक सुधार करते हुए इसे केवल आर्थिक आधार पर लागू किया जाए।
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सवर्ण आयोग का गठन: सवर्ण समाज के अधिकारों व समस्याओं के समाधान हेतु राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर 'सवर्ण आयोग' का गठन किया जाए।
