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वाराणसी: 40 लाख के गहने चोरी करने वाले 2 शातिर गिरफ्तार, चोरों ने मकान मालिक को ही दे डाली नसीहत- "छोटा ताला क्यों लगाया?"

साड़ी बेचने के बहाने की थी बंद मकान की रेकी, चोरी किए गए 40 लाख के जेवरात संग शारिक और उसका साथी रेयाज गिरफ्तार

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वाराणसी। धर्म नगरी के लंका थाना क्षेत्र अंतर्गत गायत्री नगर कॉलोनी में हुई 40 लाख रुपये की सनसनीखेज चोरी का खुलासा करते हुए लंका पुलिस ने शनिवार को दो आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस ने इनके पास से चोरी के शत-प्रतिशत गहने बरामद कर लिए हैं। हालांकि, गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपियों और पीड़ित मकान मालिक का आमना-सामना कराया, तो वहां मौजूद हर कोई चोरों की बात सुनकर हैरान रह गया।

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चोरों की दलील: "साहब! इनकी भी गलती है"

पुलिस पूछताछ और बरामदगी के दौरान जब रिटायर्ड चकबंदी अधिकारी शिवनाथ सिंह सामने आए, तो आरोपी उन पर ही बरस पड़े। चोरों ने पुलिस से कहा, "साहब, इनकी भी गलती है। आखिर इतने बड़े मकान के मुख्य गेट पर इतना छोटा ताला क्यों लगाया? अंदर के सात कमरों में कोई ताला ही नहीं था।" चोरों का यह बेबाक अंदाज देखकर पुलिसकर्मी भी दंग रह गए।

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फेरी वाले बनकर की थी रेकी

एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मो. शारिक जमाल अंसारी (जिस पर 25 हजार का इनाम था) और रेयाज अंसारी दोनों बजरडीहा क्षेत्र के निवासी हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों आरोपी साड़ी बेचने के बहाने गलियों में फेरी लगाते थे। इसी दौरान उन्होंने देखा कि गायत्री नगर स्थित शिवनाथ सिंह का मकान कई दिनों से बंद है। 31 मार्च से 4 अप्रैल के बीच जब परिवार गांव गया था, तब आरोपियों ने मंकी कैप पहनकर चोरी को अंजाम दिया।

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डर के मारे नहीं आती थी नींद

चोरों ने बताया कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि बैग में इतने ज्यादा गहने निकलेंगे। पुलिस की सक्रियता और भारी मात्रा में जेवरात होने के कारण वे डर गए थे। वे गहने बेचने के लिए आसपास के जिलों में रिश्तेदारों के यहां छिपते रहे, लेकिन किसी को बैग छूने नहीं देते थे। आरोपियों ने कुबूल किया कि पकड़े जाने के डर और गहने न बिक पाने के कारण उन्हें कई दिनों से नींद नहीं आ रही थी।

पीड़ित परिवार का परिचय

रिटायर्ड चकबंदी अधिकारी शिवनाथ सिंह का परिवार काफी प्रतिष्ठित है। उनका एक बेटा DRDO में कार्यरत है, दूसरा HDFC बैंक में अफसर है, जबकि बहू ISRO में वैज्ञानिक है। चोरी के समय पूरा परिवार रोहतास स्थित अपने पैतृक गांव गया हुआ था।

गिरफ्तार करने वाली टीम

सफलतापूर्वक खुलासा करने वाली टीम में लंका इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा, रमना चौकी प्रभारी गौरव कुमार, हेड कांस्टेबल आशीष चौबे, ओमप्रकाश सिंह और कांस्टेबल अमित शुक्ला व सूरज सिंह शामिल रहे।