Varanasi: नमो घाट पर सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम का दिखेगा जलवा, आसमान में तिरंगे के रंगों से सजेंगे हैरतअंगेज करतब
टीम के 5 अधिकारी उत्तर प्रदेश के निवासी; लूप, बैरल रोल और प्रसिद्ध 'DNA Manoeuvre' से युवाओं को करेंगे प्रेरित
वाराणसी (भदैनी मिरर): प्रेस सूचना ब्यूरो (रक्षा विभाग), भारत सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, भारतीय वायु सेना (IAF) की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 'भारतीय वायु सेना प्रदर्शन 2026' के अंतर्गत वाराणसी के ऐतिहासिक नमो घाट पर सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (SKAT) का एक बेहद भव्य और रोमांचक हवाई प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है। इस प्रदर्शन के माध्यम से काशीवासियों को भारतीय वायु सेना की सटीकता, अनुशासन और पेशेवर दक्षता को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।

आसमान में दिखेगा तिरंगा और 'DNA Manoeuvre'
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा निर्मित 9 Hawk Mk 132 विमानों के साथ सूर्यकिरण टीम आसमान में हैरतअंगेज करतब प्रस्तुत करेगी। इस हवाई प्रदर्शन के दौरान पायलट लूप, बैरल रोल, उल्टी उड़ान (Inverted Flight) और वायु सेना का प्रसिद्ध DNA manoeuvre करेंगे। 9 विमानों के एक साथ सटीक तालमेल में उड़ान भरने के साथ ही उनके पीछे से निकलने वाली केसरिया, सफेद और हरे रंग की धुएँ की लकीरें काशी के आसमान में तिरंगे का मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करेंगी।
'वायु सेना के राजदूत': 850 से अधिक शो का अनुभव
8 अक्टूबर 1932 को स्थापित भारतीय वायु सेना वर्ष 2026 में अपनी सेवा के 94 वर्ष पूरे कर रही है। 1996 में गठित सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम को "भारतीय वायु सेना के राजदूत" के रूप में जाना जाता है। देश-विदेश में 850 से अधिक सफल हवाई प्रदर्शन कर चुकी यह टीम भारतीय युवाओं को सेना में शामिल होने और विमानन क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करती आ रही है।
यूपी के 5 जांबाज अधिकारियों का विशेष जुड़ाव
इस आयोजन की खास बात यह है कि सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम के 5 अधिकारी उत्तर प्रदेश के ही मूल निवासी हैं। अपने गृह राज्य और बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी में वायु सेना के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन का हिस्सा बनना इन अधिकारियों के लिए विशेष गर्व का क्षण है।
नमो घाट और गंगा की पृष्ठभूमि में होने वाला यह एरियल शो न केवल काशी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को एक आधुनिक पृष्ठभूमि देगा, बल्कि युवाओं में राष्ट्रसेवा और रोमांच का नया जज्बा भी भरेगा।
