Varanasi: सेना के जवान की पत्नी तनुजा की मौत का राज गहराया, PM रिपोर्ट में डॉक्टर नहीं बता सके मौत की वजह, अब CBI की तैयारी
रामनगर संदिग्ध मौत मामला: छोटी आंत में मिला छेद, विसरा सुरक्षित; मायके पक्ष ने लगाया टॉयलेट क्लीनर पिलाने और अंतिम संस्कार से दूर रखने का आरोप।
वाराणसी। वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई सेना के जवान की पत्नी तनुजा सिंह की मौत का मामला पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद और अधिक उलझ गया है। डॉक्टरों की टीम भी रिपोर्ट में मौत के सटीक कारणों का पता लगाने में नाकाम रही है। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि 'मृत्यु का कारण निर्धारित नहीं किया जा सका' (Cause of Death Could Not Be Ascertained)।


अब मौत की असली वजह जानने के लिए मृतका का विसरा, रक्त और महत्वपूर्ण अंगों को रासायनिक (Chemical Analysis) व हिस्टोपैथोलॉजी जांच के लिए सुरक्षित (Preserve) रखा गया है। इस बीच, पीड़ित परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच न होने पर एसआईटी (SIT) या सीबीआई (CBI) का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी दी है।

छोटी आंत में छेद और टॉयलेट क्लीनर पिलाने का गंभीर आरोप
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि मृतका की छोटी आंत (Jejunum) में छिद्र (Perforation) मिला है। हालांकि, रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं है कि यह छेद किस वजह से हुआ।
इस तथ्य के सामने आने के बाद मृतका के बड़े भाई मनु सिंह और परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि जब मृतका के पति सत्येंद्र कुमार सिंह की पोस्टिंग पंजाब के भटिंडा में थी, तब उन्होंने तनुजा के साथ बेरहमी से मारपीट की थी और उसे कथित रूप से टॉयलेट क्लीनर पिलाया था। उस वक्त तनुजा का इलाज मिलिट्री अस्पताल में हुआ था और मामला मिलिट्री पुलिस तक भी पहुंचा था। परिवार अब सवाल उठा रहा है कि क्या छोटी आंत का यह छेद उसी पुरानी प्रताड़ना का नतीजा है?

"बेटी के अंतिम संस्कार में भी नहीं शामिल होने दिया"
पीड़ित परिवार ने ससुराल पक्ष पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें तनुजा के अंतिम संस्कार तक में शामिल होने से रोक दिया गया। परिजनों के मुताबिक, उन्हें लगातार यह कहकर घाट पर आने से मना किया गया कि वहां आने पर विवाद हो सकता है। मायके पक्ष का कहना है कि एक बेटी की अंतिम विदाई से उसके माता-पिता और भाइयों को दूर रखना खुद में एक गहरे संशय और जांच का विषय है।
प्रभावशाली रिश्तों के बीच निष्पक्ष विवेचना की मांग
परिजनों ने उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस महानिदेशक (DGP) से गुहार लगाते हुए कहा है कि मृतका के पति के परिवार का जुड़ाव पुलिस विभाग से रहा है। ऐसे में जनता के बीच जांच को लेकर कोई संदेह न रहे, इसके लिए जरूरी है कि पूरी विवेचना किसी भी प्रभाव से मुक्त, पारदर्शी और पूरी तरह वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर हो।
परिवार ने पुलिस प्रशासन से मुख्य रूप से ये मांगें की हैं:
-
FSL और हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट जल्द से जल्द मंगाकर विवेचना में शामिल की जाए।
-
भटिंडा के मिलिट्री अस्पताल और मिलिट्री पुलिस के पुराने रिकॉर्ड्स व मेडिकल हिस्ट्री को खंगाला जाए।
-
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स (CDR) की गहनता से जांच हो।
सच्चाई सामने नहीं आई तो जाएंगे कोर्ट
पीड़ित परिवार ने साफ किया है कि उन्हें यूपी पुलिस और न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है, लेकिन यदि किसी भी स्तर पर महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्यों की अनदेखी की गई या जांच प्रभावित होती दिखी, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। न्याय के लिए परिवार उत्तर प्रदेश सरकार से एसआईटी (SIT) या सीआईडी जांच की मांग करेगा और जरूरत पड़ने पर सीबीआई (CBI) तथा उच्च न्यायालय की शरण लेगा। फिलहाल, अब इस पूरे मामले का सच फॉरेंसिक लैब (FSL) की रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगा।
