वाराणसी: पुरवा-पछुआ की जंग में 'ठंडा' पड़ा मई का पहला हफ्ता, 7 सालों का टूटा रिकॉर्ड; जानें कब सताएगी गर्मी
सामान्य से 6 डिग्री नीचे लुढ़का पारा, ठंडी हवाओं और बादलों ने बदला मिजाज
वाराणसी: धर्म नगरी काशी में इस बार मई का महीना अपने पुराने मिजाज के बिल्कुल उलट नजर आ रहा है। आमतौर पर झुलसाने वाली गर्मी और लू (Loo) के लिए जाना जाने वाला मई का पहला सप्ताह इस बार पुरवा और पछुआ हवाओं के आपसी द्वंद्व में उलझकर रह गया। बनारस में लगातार सातवें दिन भी तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया, जिसने पिछले कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।


सामान्य से 6 डिग्री कम रहा पारा
बृहस्पतिवार को वाराणसी का अधिकतम तापमान सामान्य से 6 डिग्री सेल्सियस कम होकर 34.5 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 4.3 डिग्री नीचे गिरकर 20.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। सुबह के समय करीब 11 बजे तक घने बादल छाए रहे और 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली ठंडी हवाओं ने लोगों को हल्की ठंडक का अहसास कराया। दोपहर 2 बजे के बाद ही धूप के दर्शन हुए।

क्यों बदला मौसम का मिजाज?
यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से पुरवा और पछुआ हवाओं के आपस में टकराने (Wind Discontinuity) के कारण वायुमंडल में नमी बढ़ी और तापमान में गिरावट आई है। बृहस्पतिवार को हवा में नमी का स्तर 55 प्रतिशत दर्ज किया गया, जिससे चिलचिलाती धूप का असर कम रहा।

10 मई के बाद बढ़ेगी तपिश
मौसम विभाग की मानें तो राहत के ये दिन अब खत्म होने वाले हैं। डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि:
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10 मई के आसपास एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हो सकता है।
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अगले दो से तीन दिनों में वाराणसी के तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है।
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मई के दूसरे सप्ताह से काशीवासियों को फिर से तेज धूप और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
वाराणसी में पहली बार मई के शुरुआती सात दिनों में पारा सामान्य से 5 से 9 डिग्री तक कम बना रहा है, जो पर्यावरण में हो रहे बदलावों की ओर भी संकेत करता है। फिलहाल, बादलों की आवाजाही के बीच लोग इस सुखद मौसम का आनंद ले रहे हैं।
