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वाराणसी: दुर्गाकुंड के आनंद पार्क में पेड़ से लटका मिला अज्ञात युवक का शव, घंटो मशक्कत के बाद उतरी लाश

जर्जर ऐतिहासिक भवन की छत पर मिला फंदा; फॉरेंसिक टीम ने जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य, सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस गश्त पर उठे गंभीर सवाल

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वाराणसी (भदैनी मिरर डेस्क): वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत दुर्गाकुंड स्थित प्रसिद्ध आनंद पार्क में गुरुवार (2 जुलाई 2026) को उस समय सनसनी फैल गई, जब पार्क परिसर के भीतर बने एक जर्जर ऐतिहासिक भवन की छत पर लगे आम के पेड़ से एक अज्ञात युवक का शव लटकता हुआ पाया गया। शव मिलने की सूचना जैसे ही फैली, देखते ही देखते मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

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घटना की गंभीरता को देखते हुए दुर्गाकुंड चौकी पुलिस, भेलूपुर थाना पुलिस सहित नगर निगम के आला अधिकारी और प्रशासनिक अमला तुरंत मौके पर पहुंच गया। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए बुलाया गया।

घंटों की मशक्कत के बाद उतारा गया शव

चूंकि जिस ऐतिहासिक भवन की छत पर युवक का शव फंदे से लटका था, वह बेहद जर्जर और खतरनाक स्थिति में था, इसलिए पुलिस और फॉरेंसिक टीम को ऊपर पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद पुलिस, फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स और स्थानीय कर्मचारियों के संयुक्त और घंटों के भारी प्रयास के बाद शव को सुरक्षित नीचे उतारा जा सका। पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है।

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स्टाफ संतोष यादव ने दी प्रशासन को सूचना

भदैनी मिरर की टीम से बात करते हुए स्थानीय कर्मचारी संतोष ने बताया कि वे सुबह फील्ड में निकले थे। जब दोपहर में वापस लौटे, तो उन्हें इस घटना की भनक लगी। उन्होंने बताया:

"हमें करीब डेढ़ से दो बजे के बीच इस खौफनाक कांड की जानकारी मिली। हमारे स्टाफ के साथी और चौकीदार संतोष यादव (एस. के. यादव) ने सबसे पहले इस शव को देखा और इसके बाद उन्होंने ही तुरंत पुलिस और प्रशासन को मामले की सूचना दी। अब पुलिस और जांच टीम अपना काम कर रही है, पोस्टमार्टम और जांच के बाद ही सच सामने आएगा।" - संतोष (स्थानीय निवासी/कर्मचारी)

'जुआरियों और नशेड़ियों का अड्डा बन चुका है आनंद पार्क' 

इस खौफनाक वारदात के बाद स्थानीय नागरिकों और नगर निगम के कर्मचारियों का गुस्सा प्रशासन के खिलाफ फूट पड़ा। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि आनंद पार्क अब परिवारों के घूमने की जगह नहीं, बल्कि असामाजिक तत्वों, जुआरियों और गांजा पीने वालों का परमानेंट अड्डा बन चुका है। दिन-रात यहां शरारती तत्व जर्जर भवन में जमावड़ा लगाते हैं, जिससे पूरे इलाके में डर का माहौल है।

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निगम कर्मचारियों के साथ भी हो चुकी है मारपीट

पार्क में तैनात नगर निगम के कर्मचारियों ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ दिनों पहले ही ड्यूटी के दौरान इन नशेड़ियों ने उनके साथ मारपीट और अभद्रता की थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि भेलूपुर थाना और दुर्गाकुंड चौकी को इस अराजकता के खिलाफ कई बार लिखित शिकायत दी गई, लेकिन पुलिस ने कभी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। अगर समय रहते पुलिस सख्त कदम उठाती, तो शायद इस घटना को टाला जा सकता था।

शिनाख्त की कोशिश में जुटी पुलिस

भेलूपुर पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत की असली वजह साफ होगी। फिलहाल समाचार लिखे जाने तक मृतक की शिनाख्त नहीं हो पाई थी। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि इस जर्जर ऐतिहासिक भवन को सुरक्षित किया जाए, पार्क को असामाजिक तत्वों से मुक्त कराकर यहां पुलिस की नियमित गश्त (पेट्रोलिंग) बढ़ाई जाए।