Varanasi Teacher MLC Election: 'शिक्षकों के अधिकारों को सदन तक पहुंचाना प्राथमिकता'
वाराणसी-मिर्ज़ापुर शिक्षक खंड से महिला प्रत्याशी ने शुरू किया जनसंपर्क; वित्तविहीन शिक्षकों के समान वेतन, सेवा नियमावली और पीरियड लीव को बनाया मुख्य मुद्दा।
भदैनी मिरर एजुकेशन डेस्क: वाराणसी-मिर्ज़ापुर शिक्षक खंड विधान परिषद (MLC) चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनावी चर्चा के दौरान महिला शिक्षक प्रत्याशी ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि शिक्षक खंड में वह इकलौती महिला उम्मीदवार हैं और शिक्षकों का अटूट सहयोग तथा महिला शिक्षिकाओं का समर्थन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि यह चुनाव किसी राजनीतिक दल का एजेंडा नहीं, बल्कि शिक्षकों का अपना स्वाभिमान और हक की लड़ाई है।
सदन में शिक्षकों के हक की आवाज उठाने का संकल्प
महिला प्रत्याशी ने कहा कि उनका मुख्य संकल्प शिक्षकों की वर्षों से लंबित समस्याओं को विधान परिषद (सदन) में पूरी मजबूती और प्रमुखता से उठाना है। उन्होंने शिक्षकों से जुड़े कई गंभीर मुद्दों को अपने घोषणापत्र का मुख्य बिंदु बताया:
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समान कार्य के लिए समान वेतन: वित्तविहीन (Non-Finance) विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों का शोषण बंद कराकर उन्हें समान कार्य के लिए समान वेतन का अधिकार दिलाना।
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सुरक्षा सेवा नियमावली: शिक्षकों की नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक ठोस एवं पारदर्शी सुरक्षा सेवा नियमावली लागू कराना।
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पदोन्नति (Promotion): लंबे समय से रुकी हुई शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा कराना।
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महिला शिक्षिकाओं के लिए 'पीरियड लीव': महिला शिक्षकों के स्वास्थ्य और स्वाभिमान को ध्यान में रखते हुए मातृत्व अवकाश के साथ-साथ विशेष पीरियड अवकाश (Maternity/Period Leave) का प्रावधान कराना।
"यह किसी पार्टी की नहीं, शिक्षकों की अपनी लड़ाई है"
चुनावी चर्चा के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह चुनाव किसी दलगत राजनीति का हिस्सा नहीं है। यह शिक्षकों के अधिकारों, उनके सम्मान और सुरक्षा का अपना संघर्ष है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वाराणसी, मिर्ज़ापुर और आसपास के क्षेत्रों के शिक्षक इस बार बदलाव और अपने अधिकारों के लिए एक एकजुट होकर मतदान करेंगे।

