वाराणसी: अखिलेश यादव के आपत्तिजनक पोस्टर पर सपा का फूटा गुस्सा, पुलिस कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन
सिगरा और पांडेयपुर में लगे विवादित पोस्टर को सपा नेताओं ने बताया कायरतापूर्ण; तत्काल एफआईआर और गिरफ्तारी न होने पर सड़कों पर उतरने का ऐलान।
भदैनी मिरर डेस्क: वाराणसी में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तस्वीरों के साथ कथित रूप से छेड़छाड़ कर लगाए गए आपत्तिजनक और भ्रामक पोस्टरों को लेकर सियासत गर्मा गई है। इस घटना के विरोध में समाजवादी पार्टी और अधिवक्ता सभा के पदाधिकारियों ने वाराणसी के पुलिस कमिश्नर और एसीपी को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज करने और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

सपा नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पुलिस प्रशासन ने आरोपियों को गिरफ्तार कर एफआईआर की कॉपी (रिसीविंग) नहीं सौंपी, तो पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर बड़ा जन-आंदोलन करेंगे।
'सिगरा थाने के सामने पोस्टर लगना पुलिस के संरक्षण की ओर इशारा'
समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव राजू यादव ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि वाराणसी जैसे हाई-टेक शहर में, जहां जगह-जगह सीसीटीवी कैमरों से छोटी-छोटी गलतियों पर चालान कट जाते हैं, वहां सिगरा थाने के चंद कदम दूर और ड्रेस लैंड शोरूम के पास इतना बड़ा विवादित पोस्टर कैसे लग गया?

राजू यादव ने कहा:
"सिगरा थाने की नाक के नीचे पोस्टर लगाया जाना यह दर्शाता है कि इसमें कहीं न कहीं पुलिस प्रशासन का संरक्षण और लापरवाही शामिल है। भारतीय जनता पार्टी के लोग बौखलाहट में इस तरह के कायरतापूर्ण काम कर रहे हैं। 2027 के चुनाव से पहले भाजपा की बौखलाहट सामने आ रही है।"
ज्ञापन में उठाई गईं प्रमुख मांगें
सपा द्वारा पुलिस कमिश्नर को दिए गए पत्र में पांडेयपुर ओवरब्रिज, सिगरा, साजन तिराहा, चंदुआ सट्टी और विद्यापीठ रोड जैसे प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर लगे पोस्टरों का उल्लेख करते हुए निम्नलिखित मांगें रखी गईं:
-
तत्काल FIR दर्ज हो: अखिलेश यादव की राजनीतिक एवं सामाजिक छवि को धूमिल करने की साजिश के तहत तुरंत प्राथमिकी दर्ज की जाए।
-
CCTV फुटेज खंगाली जाए: पांडेयपुर और सिगरा क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की जांच कर पोस्टर लगाने वालों की त्वरित पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
-
गहन जांच: पोस्टर के डिजाइन, प्रिंटिंग, वित्तीय फंडिंग और वितरण में शामिल पूरे नेटवर्क की जांच की जाए।
-
कठोर कार्रवाई: इस कृत्य में यदि किसी राजनीतिक दल का पदाधिकारी या कार्यकर्ता शामिल है, तो उसके खिलाफ बिना किसी दबाव के कानूनी कार्रवाई की जाए।
-
लिखित सूचना: पुलिस द्वारा की गई पूरी कार्रवाई से समाजवादी पार्टी को लिखित रूप में अवगत कराया जाए।
जन-आंदोलन की चेतावनी
सपा नेताओं का कहना है कि आगामी चुनावों से पहले जनता का ध्यान असल मुद्दों जैसे महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक और भ्रष्टाचार से भटकाने के लिए यह साजिश रची गई है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि यदि निष्पक्ष जांच और एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो वाराणसी में लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से विशाल प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी वाराणसी पुलिस और प्रशासन की होगी।

