Movie prime
PMC_Hospital

वाराणसी: ऑटो चालक ज्ञानचंद सोनकर की संदिग्ध मौत पर बेटे का गंभीर आरोप, पुलिस आयुक्त से गुहार— 'हत्या या दुर्घटना

वर्चुअल साक्ष्य और आवेदन के आधार पर वरुणा नदी में मिला शव; परिजनों ने लूट और हत्या की जताई आशंका, मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग।

Ad

 
ds
WhatsApp Group Join Now

Ad

वाराणसी। वरुणा पुल के पास संदिग्ध परिस्थितियों में लावारिस मिले ऑटो (UP 65 ET 8037) और उसके बाद नदी से बरामद चालक ज्ञानचंद सोनकर (निवासी अर्दली बाजार, थाना कैंट) के शव के मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतक के बेटे सतीश सोनकर ने पुलिस कमिश्नर (मोहित अग्रवाल) के समक्ष उपस्थित होकर निष्पक्ष जांच और हत्या की आशंका जताते हुए मुकदमा दर्ज कराने की गुहार लगाई है।

Ad
Ad

d

क्या है पूरा घटनाक्रम?

पीड़ित बेटे सतीश सोनकर द्वारा प्रस्तुत विवरण और दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार:

  • 6 अगस्त की घटना: ज्ञानचंद सोनकर अपनी पत्नी (सतीश की मां) को लंका की तरफ सवारी बैठाकर घर के लिए निकले थे। रात लगभग 9:14 बजे से जब परिजनों ने उन्हें फोन लगाना शुरू किया, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।

  • लावारिस ऑटो और मोबाइल: रात लगभग 10:47 से 10:59 बजे के बीच जब सतीश ने दोबारा फोन किया, तो कॉल पुलिसकर्मी ने उठाया और बताया कि वरुणा पुल के पास एक ऑटो और मोबाइल लावारिस हालत में पड़ा है।

  • वरुणा नदी में बहता शव व रेस्क्यू की कोशिश: सूचना मिलते ही सतीश व उनके रिश्तेदार मौके पर पहुंचे। टॉर्च की रोशनी में वरुणा नदी में एक शव तैरता हुआ दिखाई दिया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस और रेस्क्यू टीम के सही समय पर त्वरित कदम न उठाने और एनडीआरएफ (NDRF) की बोट में तकनीकी खराबी के कारण शव जलकुंभी के बीच बहता चला गया।

  • अगली सुबह बरामदगी: रातभर चले खोजबीन अभियान के बाद अगले दिन (7 अगस्त) सुबह 7:00 से 7:30 बजे के बीच चौकाघाट के पास वरुणा नदी में जमा जलकुंभी के बीच से एनडीआरएफ की टीम ने ज्ञानचंद सोनकर का शव बाहर निकाला।

ds

परिजनों का आरोप: "लूट के इरादे से हुई हत्या"

सतीश सोनकर का कहना है कि जब उन्होंने पिता के शव को देखा, तो उनके नाक में रुई जैसी कोई चीज और मुंह पर असामान्य झाग/निशान थे, जिसे देखकर वे स्तब्ध रह गए। परिजनों को गंभीर आशंका है कि किसी अज्ञात व्यक्ति या सवारियों द्वारा लूटपाट के उद्देश्य से उनके पिता की हत्या कर शव को नदी में फेंका गया है।

Ad

सतीश का कहना है, "घटना को कई दिन बीत जाने के बाद भी स्थानीय थाने और चौकी से कोई ठोस कार्रवाई या संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जब तक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होगी, हम इसे महज एक हादसा नहीं मान सकते।"

पुलिस कमिश्नर से लगाई न्याय की गुहार

स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने का आरोप लगाते हुए सतीश सोनकर ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर कमिश्नर से मुलाकात की और थाना कैंट में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर पूरे मामले की फोरेंसिक व निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

Ad