वाराणसी: कैंट रेलवे स्टेशन पर कछुओं की बड़ी खेप के साथ तस्कर गिरफ्तार, अमेठी से पश्चिम बंगाल जा रहा था आरोपी
4 बैग से 6 बड़े और 18 दुर्लभ प्रजाति के कछुए बरामद; जीआरपी, आरपीएफ और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई
वाराणसी (भदैनी मिरर)। धर्मनगरी वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन पर जीआरपी, आरपीएफ, सीआईबी और वन विभाग की संयुक्त टीम ने चेकिंग के दौरान एक बड़े कछुआ तस्कर को धर दबोचा। आरोपी के पास से 4 बैगों में भरे 6 बड़े और 18 छोटे यानी कुल 24 दुर्लभ प्रजाति के कछुए बरामद किए गए हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इन कछुओं की कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है।

जीआरपी कैंट के प्रभारी निरीक्षक राजौल नागर ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि आगामी त्यौहारों के दृष्टिगत रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा एजेंसियों द्वारा सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार (12 अक्टूबर 2026) को मुखबिर से खास सूचना मिली कि गाड़ी संख्या 13388 (कुंभा एक्सप्रेस) में कछुओं की बड़ी खेप की तस्करी की जा रही है।
सूचना मिलते ही जीआरपी, आरपीएफ, सीआईबी और वन विभाग की टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला। वन विभाग के दरोगा ए.के. श्रीवास्तव की मौजूदगी में जब ट्रेन के आगे के जनरल डिब्बे की तलाशी ली गई, तो उसमें रखे 4 संदिग्ध बैग बरामद हुए।
अमेठी से पश्चिम बंगाल ले जाए जा रहे थे कछुए
तलाशी के दौरान बैग से 6 बड़े और 18 छोटे कछुए मिले। पुलिस ने मौके से तस्कर मोनू कंजड़ (निवासी जगदीशपुर, अमेठी) को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह इन कछुओं को अमेठी से लेकर पश्चिम बंगाल जा रहा था।
पुलिस के अनुसार, इन कछुओं का इस्तेमाल मांस खाने, उससे दवाइयां तैयार करने और कुछ क्षेत्रों में पूजा-पाठ या अन्य आयोजनों में अधिक प्रचलन के चलते ऊंचे दामों पर बेचने के लिए किया जाता है, जिससे तस्कर भारी आर्थिक मुनाफा कमाते हैं। फिलहाल, जीआरपी और वन विभाग की टीम आरोपी के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत सुसंगत धाराओं में कार्रवाई कर रही है और उसके अन्य नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।
