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वाराणसी:सिंधौरा थाना प्रभारी लाइन हाजिर, 1060 दिन केस लटकाने वाले दरोगा निलंबित;पंकज पांडेय को नयी जिम्मेदारी 

क्राइम मीटिंग में लापरवाह पुलिसकर्मियों पर चला पुलिस कमिश्नर का हंटर, श्रावण मास के तैयारियों की हुई समीक्षा  

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वाराणसी (भदैनी मिरर ब्यूरो): वाराणसी कमिश्नरेट की कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने और अपराधियों पर लगाम कसने के लिए पुलिस आयुक्त (CP) मोहित अग्रवाल ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। शुक्रवार को राजपत्रित अधिकारियों की हाई-लेवल समीक्षा बैठक (गोष्ठी) के दौरान पुलिस आयुक्त ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर बड़ा हंटर चलाया है।

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अपेक्षित स्तर की कार्रवाई न करने और विवेचनाओं को सालों तक ठंडे बस्ते में लटकाए रखने के आरोप में सीपी ने सिंधौरा थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है, जबकि एक चौकी प्रभारी (उप-निरीक्षक) को निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है। इसके साथ ही सिगरा थाने की नगर निगम चौकी के प्रभारी पंकज कुमार को सिंधौरा का नया थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

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मर्डर केस में ढिलाई पर सिंधौरा थाना प्रभारी पर गिरी गाज 

पुलिस कमिश्नर कैंप कार्यालय में आयोजित इस समीक्षा बैठक में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की बिंदुवार समीक्षा की गई। इस दौरान बीते 2 जुलाई 2026 को थाना सिंधौरा क्षेत्र में हुई एक सनसनीखेज हत्या (मर्डर) की वारदात में थाना प्रभारी द्वारा प्रभावी और त्वरित कार्रवाई न किए जाने की बात सामने आई। प्रथम दृष्टया घोर लापरवाही पाए जाने पर सीपी मोहित अग्रवाल ने सिंधौरा थाना प्रभारी (निरीक्षक) ज्ञानेन्द्र कुमार त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से line hazir कर दिया। उनकी जगह सिगरा थाने की नगर निगम चौकी के प्रभारी उप-निरीक्षक पंकज कुमार को सिंधौरा थाने की कमान सौंपी गई है।

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1060 दिनों तक विवेचना पेंडिंग रखने पर दरोगा सस्पेंड

कार्रवाई का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। जैतपुरा थाने के सरैयां चौकी प्रभारी उप-निरीक्षक (SI) सत्यदेव गुप्ता पर विभागीय हंटर चला। समीक्षा में पाया गया कि दरोगा सत्यदेव गुप्ता ने समयबद्ध निस्तारण के नियमों को ताक पर रखकर 5 महत्वपूर्ण विवेचनाओं को क्रमशः 23 दिन, 826 दिन, 884 दिन, 939 दिन और रिकॉर्ड 1060 दिवस तक बिना किसी ठोस वजह के लंबित (पेंडिंग) रखा हुआ था। इस गंभीर लापरवाही पर सीपी ने दरोगा सत्यदेव गुप्ता को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।

केस डायरी पर 60 और 90 दिन का अल्टीमेटम

पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित करने के लिए 'डेडलाइन' तय की:

  • सामान्य अपराध: किसी भी सामान्य अपराध की विवेचना अधिकतम 60 दिनों के भीतर पूरी होनी चाहिए।

  • जघन्य अपराध: मर्डर, लूट और डकैती जैसे जघन्य (एसआर श्रेणी) अपराधों की विवेचना 90 दिन के भीतर क्लोज करनी होगी।

गैंगस्टर एक्ट और 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' पर रहेगा जोर

बैठक में अपराधियों के खिलाफ 'अपराध नियंत्रण के 4 मूल मंत्र' दिए गए:

  1. माफिया और तस्करों पर एक्शन: संगठित अपराध, गोवध, साइबर क्राइम और एनडीपीएस (NDPS) तस्करों के खिलाफ गैंगस्टर, गुंडा एक्ट, और एनएसए (NSA) के तहत कार्रवाई तेज कर संपत्ति जब्त की जाएगी।

  2. ऑपरेशन चक्रव्यूह: दिन और रात में सघन चेकिंग अभियान चलाकर पेशेवर अपराधियों की सतत निगरानी की जाएगी।

  3. सख्त चेकिंग: बिना नंबर प्लेट, स्टंट करने वाले और तीन सवारी (ट्रिपल राइडिंग) चलने वालों के खिलाफ रात्रि गश्त व पिकेट व्यवस्था मजबूत कर कार्रवाई होगी।

  4. 24 घंटे में चोरी का खुलासा: चोरी और नकबजनी की घटनाओं को हत्या-लूट की तरह गंभीरता से लेते हुए एसीपी और थाना प्रभारी खुद मौके पर जाएंगे और 24 घंटे में खुलासे का प्रयास करेंगे।

आगामी श्रावण मास और कांवड़ यात्रा के लिए खास गाइडलाइंस

आगामी श्रावण मास की तैयारियों को लेकर सीपी मोहित अग्रवाल ने सभी उच्चाधिकारियों को कांवड़ मार्गों और संवेदनशील स्थलों का स्वयं स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए।

  • श्रद्धालुओं से सम्मानजनक व्यवहार: कांवड़ यात्रियों के साथ किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए मातहतों को शालीन और सौहार्दपूर्ण व्यवहार करने के लिए ब्रीफ किया जाए।

  • यातायात और सोशल मीडिया पर नजर: कांवड़ मार्ग पर बैरिकेटिंग, सीसीटीवी और प्रकाश व्यवस्था समय से दुरुस्त की जाए ताकि ट्रैफिक जाम न लगे। इसके अलावा सोशल मीडिया सेल को अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर तत्काल डिजिटल स्ट्राइक करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में मौजूद रहे ये आला अधिकारी 

इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था/मुख्यालय) श्री शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) श्री आलोक प्रियदर्शी, डीसीपी (काशी जोन) श्री गौरव बंशवाल, डीसीपी (वरूणा जोन) श्री प्रमोद कुमार, डीसीपी (गोमती जोन) सुश्री नीतू, डीसीपी (सुरक्षा) श्री अनिल कुमार यादव सहित कमिश्नरेट के सभी राजपत्रित अधिकारी उपस्थित रहे।