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वाराणसी: सौरभ सिंह हत्याकांड में तर्पण कर रहा पीड़ित परिवार न्याय के लिए पहुंचा सीपी दफ्तर , सौंपी 5 सूत्रीय मांग

"एक मरा है, अभी और मारेंगे..." आरोपियों के परिवार पर धमकी देने का आरोप; सुरक्षा, नौकरी और एनकाउंटर की मांग

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भदैनी मिरर, वाराणसी।
वाराणसी के सिंधौरा थाना क्षेत्र में बीते 2 जुलाई को सरेराह गोली मारकर मौत के घाट उतारे गए सौरभ सिंह उर्फ 'बंटी' के पीड़ित परिजन न्याय की गुहार लेकर सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंचे। बेटे के चले जाने के गम और खौफ के साए में जी रहे परिजनों ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय में एक 5 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। दिल दहला देने वाली बात यह रही कि मृतक के पिता अपने बेटे के अंतिम संस्कार (दशगात्र/तर्पण) की रस्मों के बीच ही न्याय के लिए कमिश्नरेट दफ्तर पहुंचे थे।

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बता दें कि इस पूरे मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में शासन द्वारा सिंधौरा थानाध्यक्ष को पहले ही लाइन हाजिर किया जा चुका है, लेकिन पीड़ित परिवार अब भी पुलिसिया कार्रवाई से असंतुष्ट है।


हल्का दरोगा की मिलीभगत से बढ़ा हौसला, मां के सामने ही बेटे को भुना

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पुलिस कमिश्नर को सौंपे गए शिकायती पत्र में मृतक सौरभ की मां रानी देवी ने सिंधौरा थाने के हल्का दरोगा रोहित कुमार पटेल पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। मां का कहना है कि उन्होंने घटना से पहले भी आरोपियों के खिलाफ थाने में लिखित शिकायत दी थी। आरोप है कि हल्का दरोगा ने इस पर कोई सख्त एक्शन लेने के बजाय अभियुक्तों से दोस्ताना व्यवहार जारी रखा। इसी सह के कारण मनोबल बढ़ने पर 2 जुलाई की रात करीब 9 बजे बदमाशों ने घर के बाहर मां के सामने ही सौरभ की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी।

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पीड़ित परिवार ने रखी ये 5 सूत्रीय मांगें


1. नामजद और संलिप्त अभियुक्तों पर तत्काल रासुका (NSA) और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए।
2. खौफजदा परिवार को तत्काल सरकारी सुरक्षा व आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
3. हत्या में शामिल और अभी तक फरार चल रहे बदमाशों की जल्द गिरफ्तारी कर एनकाउंटर किया जाए।
4. पूरे मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराकर जल्द से जल्द फांसी की सजा दिलाई जाए।
5. पीड़ित परिवार के भरण-पोषण के लिए एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।


"अभी एक मरा है, दो-चार और बचे हैं..." – दबंगों के परिवार से मिल रही धमकी


मीडिया से बातचीत के दौरान मृतक के परिजन चंदन सिंह और सर्वेश सिंह का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने प्रशासन के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा, "जब हम शव उठा रहे थे, तब पुलिस ने कड़ी और कठोरतम कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन जमीन पर कुछ नहीं दिख रहा है। अब हालत यह है कि परिवार के लोग जब स्नान या किसी काम से बाहर निकलते हैं, तो आरोपियों के घर की महिलाएं गाली-गलौज करती हैं। वे सरेआम धमकी दे रही हैं कि 'अभी तो सिर्फ एक मरा है, आगे आने वाले समय में जो दो-चार बचे हैं, उनको भी मार दिया जाएगा।' हमारा सरकार और प्रशासन से भरोसा उठ रहा है, हमें सिर्फ न्याय और सुरक्षा चाहिए।"

"चौराहों पर कहां खड़ा है यमराज, नहीं दिख रहा बुल्डोजर"

परिजनों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि बनारस में पिछले तीन महीनों के भीतर आपराधिक घटनाएं बढ़ी हैं। सरकार कहती है कि हर चौराहे पर अपराधियों के लिए यमराज खड़ा है और बुल्डोजर चल रहा है, लेकिन इस मामले में हमें कोई बुल्डोजर कार्रवाई नहीं दिख रही है। गांव के ये मनबढ़ अपराधी चट्टी-चौराहों पर नशा और छेड़खानी करते हैं, इनके पास अवैध पिस्टल हैं और इन पर पहले से 15-20 मुकदमे दर्ज हैं। यदि समय रहते पुलिस ने हमारी शिकायत सुनी होती, तो आज हमारा बेटा जिंदा होता। परिजनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे हस्तक्षेप कर परिवार को सुरक्षा देने की गुहार लगाई है।