वाराणसी: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मिले सपा नेता जीशान अंसारी, गौमाता को 'राष्ट्रमाता' बनाने की मांग का किया समर्थन
सपा नेता जीशान अंसारी ने पूज्य शंकराचार्य जी महाराज से लिया आशीर्वाद; भेंट किया गौमाता का स्मृति चिन्ह, गंगा-जमुनी तहज़ीब और सौहार्द पर हुई चर्चा।
भदैनी मिरर डिजिटल डेस्क: वाराणसी में सामाजिक समरसता और आपसी सौहार्द की एक सुखद तस्वीर देखने को मिली। समाजवादी पार्टी के नेता जीशान अंसारी (शहर उत्तरी विधानसभा, वाराणसी) ने पूज्य ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज से शिष्टाचार मुलाकात की।

इस दौरान जीशान अंसारी ने गौमाता को 'राष्ट्रमाता' घोषित करने के शंकराचार्य जी के राष्ट्रव्यापी अभियान का पूर्ण समर्थन किया और सम्मान स्वरूप उन्हें गौमाता का प्रतीक/स्मृति चिन्ह भेंट किया।
गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी भाईचारे पर चर्चा
मुलाकात के दौरान दोनों के बीच देश की वर्तमान सामाजिक स्थिति, गंगा-जमुनी तहज़ीब, आपसी सौहार्द और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक विचार-विमर्श हुआ। जीशान अंसारी ने शंकराचार्य जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया और समाज में शांति व भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए उनके मार्गदर्शन की सराहना की।
उल्लेखनीय है कि सपा नेता जीशान अंसारी पूर्व में भी गौमाता को 'राष्ट्रमाता' घोषित कराने की मांग को लेकर देश के प्रधानमंत्री को अपने खून से पत्रक लिख चुके हैं। मुलाकात के दौरान उन्होंने आम जनता की समस्याओं और उनके स्थायी समाधान को लेकर भी शंकराचार्य जी के साथ अपने विचार साझा किए।
"प्रेम और सम्मान ही समाज की वास्तविक शक्ति": शंकराचार्य
इस अवसर पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि समाज के सभी वर्गों को मिलकर देश की उन्नति, शांति और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रेम, सौहार्द और आपसी सम्मान ही किसी भी प्रगतिशील समाज की वास्तविक शक्ति हैं।
क्षेत्रीय स्तर पर इस मुलाकात को सामाजिक समरसता, संवाद और आपसी भाईचारे को मजबूत करने वाले एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
