वाराणसी रोपवे: सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में गंडोला हिलता दिखा, प्रशासन ने बताया पूरी सच्चाई
तेज हवा में हिलते रोपवे गंडोला का वीडियो गलत संदर्भ में साझा, NHLML ने सुरक्षा परीक्षणों की पुष्टि की
वाराणसी, भदैनी मिरर। वाराणसी में चल रहे रोपवे ट्रायल के दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें गंडोला हवा में हिलते हुए दिख रहा था। वीडियो के वायरल होते ही प्रशासनिक पक्ष सामने आया और स्पष्ट किया कि वीडियो का गलत संदर्भ दिया जा रहा है और इसमें किसी भी तरह की असुरक्षा नहीं है।



प्रशासन की प्रतिक्रिया
वाराणसी रोपवे प्रणाली के संचालन संबंधी अधिकारियों ने कहा कि यह वीडियो पूरी तरह झूठा है। सोशल मीडिया पर प्रसारित दृश्य किसी भी प्रकार की खराबी, असुरक्षा या विफलता का संकेत नहीं देता।
वाराणसी रोपवे को अंतरराष्ट्रीय मानकों, विशेष रूप से यूरोपीय सुरक्षा कोड के अनुसार डिज़ाइन किया गया है। संचालन से पहले और दौरान कठोर सुरक्षा परीक्षण किए जाते हैं।

NHLML (National Highways & Light Metro Ltd.) द्वारा किए जा रहे ट्रायल में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत और योजनाबद्ध प्रक्रिया अपनाई जाती है।
इन परीक्षणों में आपातकालीन ब्रेकिंग, तेज़ हवा के दबाव में संचालन, सेंसरों की सक्रियता अन्य सभी संभावित परिस्थितियों में सुरक्षित संचालन शामिल हैं।
प्रशासन ने कहा कि वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधि केवल यह सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है कि रोपवे हर स्थिति में सुरक्षित रूप से कार्य करे और यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहे।

जनता से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो से भ्रमित न हों और अधिकारियों द्वारा जारी सुरक्षा आश्वासन पर भरोसा करें।
बता दें, इस पूरी परियोजना की कुल लागत 815.58 करोड़ रुपये निर्धारित है, जिसमें 15 साल का O&M (ऑपरेशन और मेंटेनेंस) भी शामिल है।
- रोपवे की संरचना: दूरी, स्टेशन और टावर
- कुल दूरी: 3.8 किलोमीटर
- रूट: वाराणसी कैंट स्टेशन से गोदौलिया
- इंटरमीडिएट स्टेशन: काशी विद्यापीठ, रथयात्रा
- टेक्निकल स्टेशन: गिरजाघर
- कुल स्टेशन: 5
- कुल टावर: 29
