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वाराणसी:  दो साल से चल रहे पारिवारिक विवाद में विख्यात ज्योतिषी ने फांसी लगाकर दी जान, 

हृदयविदारक: 48 वर्षीय रविराज उपाध्याय ने मानसिक तनाव के चलते उठाया आत्मघाती कदम।

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वाराणसी (भदैनी मिरर): धर्मनगरी काशी के भेलूपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत भदैनी मोहल्ले में बुधवार की देर रात एक विख्यात ज्योतिषी ने मानसिक अवसाद के चलते मौत को गले लगा लिया। मूल रूप से सोनभद्र के घोरावल निवासी 48 वर्षीय रविराज उपाध्याय ने अपने कमरे में फांसी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद से पूरे भदैनी क्षेत्र में शोक की लहर है।

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भोर में हुआ घटना का खुलासा

जानकारी के अनुसार, रविराज उपाध्याय ज्योतिषी और पंचांग निर्माण का कार्य करते थे। बुधवार रात वे अपने कमरे में सोने गए थे। भोर में करीब 3 बजे जब उनकी पत्नी रिंकी की नींद खुली, तो उन्होंने रविराज को फंदे से झूलता पाया। चीख-पुकार सुनकर परिजन और देवर शशिराज मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में उन्हें फंदे से उतारकर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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जमीन विवाद और मानसिक तनाव की भेंट चढ़ी जिंदगी

परिजनों ने बताया कि रविराज पिछले दो वर्षों से गहरे मानसिक तनाव में थे। मूल निवासी घोरावल (सोनभद्र) होने के कारण वहां उनकी पुश्तैनी जमीन थी, जिसे लेकर परिवार के ही कुछ लोगों से विवाद चल रहा था। खेती-बारी देखने के लिए वे अक्सर सोनभद्र जाते थे, लेकिन विवाद के कारण वे अंदर ही अंदर टूट चुके थे। रविराज दो भाइयों में बड़े थे और उनके पीछे उनकी दो मासूम बेटियां (8 साल और 6 साल) और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।

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जाते-जाते सबका हाल पूछ गए रविराज

घटना की सबसे भावुक करने वाली बात यह रही कि सुसाइड करने से एक-दो दिन पहले (मंगलवार और बुधवार) रविराज ने अपने लगभग सभी परिचितों और रिश्तेदारों को फोन किया था। उन्होंने किसी को यह अहसास नहीं होने दिया कि वे ऐसा कदम उठाने जा रहे हैं, बस सबका कुशल-क्षेम पूछा। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की छानबीन कर रही है।