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वाराणसी: अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट और कैशलेस इलाज की मांग को लेकर प्रदर्शन, विधानसभा घेराव की दी चेतावनी

अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम ने कहा- "जब डॉक्टरों और कर्मचारियों को सुविधा, तो वकीलों से दुश्मनी क्यों?"

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वाराणसी। प्रदेश में अधिवक्ताओं पर बढ़ते अत्याचार और असुरक्षा के माहौल के खिलाफ वाराणसी के वकीलों ने लामबंद होकर हुंकार भरी है। गुरुवार को 'द सेंटर बार एसोसिएशन' के आह्वान पर सैकड़ों अधिवक्ताओं ने कचहरी स्थित जिलाधिकारी (DM) पोर्टिको पर जोरदार प्रदर्शन किया। अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम और महामंत्री आशीष कुमार सिंह के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने 'अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट' तत्काल लागू करने और 'कैशलेस इलाज' की सुविधा देने की मांग उठाई।

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"डॉक्टरों को सुविधा तो वकीलों से भेदभाव क्यों?"
प्रदर्शन के दौरान सेंटर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम ने सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा, "सरकार ने डॉक्टरों और राज्य कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा दी है, लेकिन आखिर अधिवक्ताओं से सरकार की क्या दुश्मनी है? हमारी सुरक्षा और सेहत को नजरअंदाज किया जा रहा है।"

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उन्होंने मिर्जापुर और रामपुर में हाल ही में हुई अधिवक्ताओं की हत्या और उत्पीड़न का जिक्र करते हुए कहा कि अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट अब समय की सबसे बड़ी मांग है।

अपनों पर भी बरसे अध्यक्ष: "वोट लिया पर साथ नहीं आए"


प्रदर्शन के दौरान अध्यक्ष का गुस्सा बार काउंसिल के स्थानीय सदस्यों पर भी फूटा। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बनारस में चार-चार बार काउंसिल मेंबर होने के बावजूद वे अधिवक्ताओं के हित की इस लड़ाई में शामिल नहीं हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि वे सदस्य आज केवल अपनी चुनावी काउंटिंग और सीटों के गणित में व्यस्त हैं, जबकि उन्हें यहां वकीलों के साथ खड़ा होना चाहिए था।

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आंदोलन की अगली रणनीति: विधानसभा का होगा घेराव


सेंटर बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक सांकेतिक धरना है। जल्द ही वाराणसी के सेंटर बार सभागार में पूरे पूर्वांचल के जिलों के अध्यक्षों और महामंत्रियों का एक भव्य सम्मेलन बुलाया जाएगा।


अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा:  "हम जिला-जिला जाकर बार एसोसिएशन से संपर्क करेंगे। अगर सरकार हमारी मांगे नहीं मानती है, तो हम 2027 के चुनाव से पहले विधानसभा का घेराव करेंगे और सरकार को झुकने पर मजबूर कर देंगे।"

प्रदर्शन में मुख्य रूप से महामंत्री आशीष कुमार सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिवक्ता उपस्थित रहे। प्रदर्शन के बाद प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा गया।