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वाराणसी: जनगणना-2027 की तैयारियां तेज, डीएम सत्येंद्र कुमार ने दिए निर्देश—14 नवंबर तक पूरा करें ट्रेनिंग

वाराणसी कलेक्ट्रेट में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक; स्व-गणना 16 नवंबर से, प्रगणक पूछेंगे 40 सवाल; डेटा पूरी तरह रहेगा गोपनीय।

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भदैनी मिरर डिजिटल डेस्क: वाराणसी कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को जिलाधिकारी/प्रमुख जनगणना अधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में 'जनगणना-2027' के द्वितीय चरण के कार्यों की समीक्षा के लिए जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।

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बैठक में नगर आयुक्त, मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), समस्त उपजिलाधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक और चार्ज अधिकारियों की उपस्थिति में समयबद्ध तैयारियों का खाका खींचा गया।

14 नवंबर तक पूरा होगा प्रगणकों और सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जनगणना के सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर प्राथमिकता पर पूरे किए जाएं।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि/रा) डॉ. सदानंद गुप्ता ने चार्ज अधिकारियों को निर्देशित किया कि:

  • 14 अक्टूबर तक सभी चार्जों में प्रगणक (Enumerators) और पर्यवेक्षक (Supervisors) की नियुक्ति के साथ प्रशिक्षण स्थलों का चयन पूरा कर लिया जाए।

  • 14 नवंबर तक सभी नियुक्त प्रगणकों और सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण का कार्य हर हाल में पूर्ण कर लिया जाए।

डिजिटल होगी गणना, पूछे जाएंगे 40 सवाल

जनगणना निदेशालय से आए उप निदेशक (मंडल प्रभारी) अजय कुमार ने बताया कि इस बार की जनगणना में डिजिटल आंकड़ों का संग्रहण किया जाएगा।

  • स्व-गणना (Self-Enumeration): 16 से 30 नवंबर 2026 के बीच नागरिक स्वयं डिजिटल माध्यम से गणना में शामिल हो सकेंगे। इसके लिए जिले में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

  • फील्ड वर्क: 01 दिसंबर 2026 से 04 जनवरी 2027 के मध्य प्रगणक और सुपरवाइजर घर-घर जाकर आंकड़े जुटाएंगे। इस दौरान प्रत्येक परिवार के सदस्यों से 40 प्रश्न पूछे जाएंगे।

  • बेघर लोगों की गणना: 04 जनवरी 2027 की रात्रि में बेघर लोगों की गिनती की जाएगी, जिसके बाद 05 से 09 जनवरी 2027 के बीच रिविजनल राउंड का कार्य होगा।

"आंकड़े पूरी तरह गोपनीय, नहीं मांगा जाएगा कोई दस्तावेज"

बैठक में स्पष्ट किया गया कि जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 15 के तहत एकत्र किए गए सभी आंकड़े पूरी तरह गोपनीय रहते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान प्रगणक या पर्यवेक्षक द्वारा किसी भी नागरिक से कोई भी व्यक्तिगत या सरकारी दस्तावेज (Document) नहीं मांगा जाएगा।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रगणकों को सही जानकारी देकर इस संवैधानिक और वैधानिक गतिविधि को सफल बनाने में अपना सहयोग दें।