वाराणसी: बाबा कालभैरव के दरबार से 11 'दर्शन दलालों' को पुलिस ने दबोचा, दर्शनार्थियों संग दुर्व्यवहार का वीडियो हुआ था वायरल
वाराणसी: बाबा काल भैरव मंदिर में सादे कपड़ों में पहुंची पुलिस, श्रद्धालुओं से अभद्रता और अवैध वसूली करने वाले 11 दलाल गिरफ्तार
वाराणसी: वाराणसी के सुप्रसिद्ध और ऐतिहासिक श्री काल भैरव मंदिर में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के साथ दर्शन के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी और अभद्रता के खिलाफ काशी जोन की पुलिस ने बेहद सख्त कदम उठाया है। सोशल मीडिया पर बीते दिनों मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार और दलाली का एक वीडियो वायरल होने के बाद, पुलिस प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया।


सोमवार, 25 मई 2026 को एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने सादे कपड़ों (सिविल ड्रेस) में मंदिर परिसर में धावा बोला और सुगम दर्शन के नाम पर अवैध वसूली करने वाले 11 कथित दलालों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
खुफिया इनपुट पर सादे कपड़ों में पहुंची पुलिस टीम
बाबा काल भैरव चौकी प्रभारी (इंचार्ज) उप-निरीक्षक अभय नारायण सिंह सेंगर के नेतृत्व में पुलिस टीम सादी वर्दी में मंदिर क्षेत्र और निकास द्वार के आसपास तैनात थी। पुलिस कर्मी आम भक्तों की तरह संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।

मौके पर क्या हुआ: सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे पुलिस टीम को सूचना मिली कि कुछ लोग मंदिर के निकास द्वार पर भीड़ लगाकर आने-जाने वाले दर्शनार्थियों को गुमराह कर रहे हैं और 'VIP व सुगम दर्शन' कराने के नाम पर जबरन पैसों की मांग कर रहे हैं। विरोध करने पर ये लोग श्रद्धालुओं से लड़ने-झगड़ने पर आमदा हो जा रहे थे, जिससे भक्तों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही थीं और शांति व्यवस्था भंग होने का पूरा खतरा मंडरा रहा था।
जब पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर इन्हें समझाने का प्रयास किया, तो आरोपी पुलिस से ही उलझ गए और फौजदारी पर उतारू हो गए। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी करके सभी 11 आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
धार्मिक स्थलों की गरिमा से खिलवाड़ करने वाले जाएंगे जेल: ACP
एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह ने इस बड़ी कार्रवाई को लेकर स्पष्ट संदेश दिया है:

"धार्मिक स्थलों की गरिमा और काशी की छवि को खराब करने वाले तत्वों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। मंदिर परिसर में दलाली, अभद्रता और श्रद्धालुओं के आर्थिक या मानसिक शोषण की शिकायतों पर आगे भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा। पर्यटकों और भक्तों की सुरक्षा व सुगमता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।"
पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ शांति व्यवस्था भंग करने और निवारक कार्रवाई के तहत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170/126/135 के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की सूची:
पकड़े गए आरोपियों में वाराणसी के अलावा अन्य राज्यों के लोग भी शामिल हैं, जो गिरोह बनाकर इस कृत्य को अंजाम दे रहे थे:
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इरफान अहमद (32 वर्ष) – निवासी: औरंगाबाद, सिगरा, वाराणसी
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राकेश कुमार (25 वर्ष) – निवासी: नावा सोसो, रांची, झारखण्ड
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करन मौर्य (22 वर्ष) – निवासी: आदमपुर, वाराणसी
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आदर्श (24 वर्ष) – निवासी: कोनिया विजयपुरा, आदमपुर, वाराणसी
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मनोहर कुमार (24 वर्ष) – निवासी: सतपुत्री मंदिर, जैतपुरा, वाराणसी
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विष्णु शर्मा (30 वर्ष) – निवासी: भुतई इमली, गोलघर, कोतवाली, वाराणसी
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काजू सेठ (34 वर्ष) – निवासी: औसानगंज, जैतपुरा, वाराणसी
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मानवेन्द्र दुबे (36 वर्ष) – निवासी: कोनिया, आदमपुर, वाराणसी
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संदीप (35 वर्ष) – निवासी: कबीर चौरा, कोतवाली, वाराणसी
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जितेन्द्र मिश्रा (33 वर्ष) – निवासी: राजखुरापुर, राजगढ़, मिर्जापुर
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छोटू (33 वर्ष) – निवासी: पंचकोशी, सारनाथ, वाराणसी
कार्रवाई करने वाली जांबाज पुलिस टीम:
इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में मुख्य रूप से काल भैरव चौकी प्रभारी उ0नि0 अभय नारायण सिंह, उ0नि0 सर्वेश कुमार यादव, कांस्टेबल गोविंद सिंह और रक्षित कांस्टेबल धर्मेंद्र (थाना कोतवाली, वाराणसी कमिश्नरेट) शामिल रहे। इस त्वरित कार्रवाई के बाद मंदिर आने वाले आम श्रद्धालुओं ने भी राहत की सांस ली है और पुलिस प्रशासन की सराहना की है।
