वाराणसी में पुलिस कमिश्नर का हंटर: 60 दिन तक जांच लटकाने पर इंस्पेक्टर समेत 12 पुलिसकर्मी निलंबित
शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए डेडलाइन तय
भदैनी मिरर, वाराणसी। वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कर्तव्य पालन में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। कैंट, शिवपुर और लालपुर-पांडेयपुर थानों के 'अर्दली रूम' की समीक्षा के दौरान मिली खामियों के बाद सीपी ने एक निरीक्षक (इंस्पेक्टर) समेत 12 उपनिरीक्षकों (दरोगा) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इन सभी के खिलाफ विभागीय जांच के भी निर्देश दिए गए हैं।


60 दिनों से लंबित थी विवेचनाएं, प्रदर्शन मिला खराब
बृहस्पतिवार को हुई समीक्षा बैठक में पुलिस आयुक्त ने पाया कि कई महत्वपूर्ण मामलों की विवेचना 60 दिनों से अधिक समय से लंबित पड़ी थी। साक्ष्य संकलन (Electronic Evidence) और अपराधियों की धरपकड़ में इन पुलिसकर्मियों का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक पाया गया। शिकायतों के निस्तारण में ढिलाई और गैर-जमानती वारंट (NBW) की तामील न करना निलंबन का मुख्य कारण बना।

इन पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज: देखें पूरी लिस्ट
निलंबित होने वाले पुलिसकर्मियों में शहर के तीन प्रमुख थानों के अधिकारी शामिल हैं:
- कैंट थाना: निरीक्षक संतोष पासवान, उपनिरीक्षक आशीष श्रीवास्तव, भैरव श्रीवास्तव, मुन्ना यादव, जमुना प्रसाद तिवारी और प्रवेश कुंतल।
- शिवपुर थाना: उपनिरीक्षक अशोक कुमार सिंह, कोमल यादव और आशीष कुमार सिंह।
- लालपुर-पांडेयपुर थाना: उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार गुप्ता, कोमल कुमार गुप्ता और विजेंद्र सिंह।
ट्रैफिक और अतिक्रमण पर सख्त निर्देश: थानेदारों की भी बढ़ी जिम्मेदारी
समीक्षा के दौरान पुलिस आयुक्त ने केवल थानों के कामकाज ही नहीं, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था पर भी कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
1. ट्रैवल टाइम में कमी: प्रमुख मार्गों पर यात्रा के समय में 25% की कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है।
2. सड़कें होंगी जाम मुक्त: अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान तेज होगा। सड़कों पर खड़े वाहनों को क्रेन से उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
3. सिर्फ ट्रैफिक पुलिस की जिम्मेदारी नहीं: सीपी ने दो टूक कहा कि ट्रैफिक सुधारना केवल ट्रैफिक पुलिस का काम नहीं है, बल्कि संबंधित थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज की भी जवाबदेही होगी।

सिस्टम आइडेंटिफिकेशन और पोर्टल अपडेट पर जोर
पुलिस आयुक्त ने निर्देशित किया कि मुकदमों में समय से 'सिस्टम आइडेंटिफिकेशन' तैयार कर उसे पोर्टल पर अपलोड किया जाए। बिना नंबर के वाहनों और गलत दिशा में चलने वालों के खिलाफ भी अब थानों को सक्रिय होकर कार्रवाई करनी होगी।
