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वाराणसी में पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल का बड़ा फैसला; अब 'मार्किंग सिस्टम' तय करेगा दरोगाओं की परफॉर्मेंस, ऐसे मिलेंगे 100 नंबर

थानों में तैनात 50% पुलिस बल दिन में संभालेगा मोर्चा; नए कप्तानों (आरक्षियों) को मिलेगी हाईटेक ट्रेनिंग, जानें रोहनिया निरीक्षण के बड़े निर्देश

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वाराणसी (भदैनी मिरर): वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय करने के लिए पुलिस आयुक्त (CP) मोहित अग्रवाल ने एक बेहद कड़ा और पारदर्शी कदम उठाया है। अब जनपद में तैनात उपनिरीक्षकों (Sub-Inspectors) के कामकाज की समीक्षा 'मार्किंग प्रणाली' (रैंकिंग सिस्टम) के आधार पर की जाएगी। इस परीक्षा में उत्कृष्ट अंक पाने वाले दरोगाओं को ही चौकी प्रभारी (चौकी इंचार्ज) बनने में वरीयता दी जाएगी।

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यह बड़ा निर्णय पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने गुरुवार (28 मई 2026) को रोहनिया थाने के औचक निरीक्षण और सर्किल रोहनिया के लोहता व मण्डुवाडीह थाने के अर्दली रूम की समीक्षा के दौरान लिया। इस दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था, पेंडिंग विवेचनाओं और पुलिसिंग की गहन समीक्षा की।

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समझें दरोगाओं की 'मार्किंग' का पूरा गणित (कुल 100 अंक):

पुलिस कमिश्नर द्वारा तय किए गए मानकों के अनुसार, उपनिरीक्षकों के कार्यों का मूल्यांकन कुल 100 अंकों में से किया जाएगा। इसका वर्गीकरण कुछ इस प्रकार है:

कार्य / मानक निर्धारित अंक
समय सीमा (60 दिन) के भीतर मुकदमों/विवेचनाओं का निस्तारण 25 अंक
जनता के प्रार्थना पत्रों का समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण 25 अंक
एनबीडब्ल्यू (NBW) के तहत अपराधियों की गिरफ्तारी 10 अंक
बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ सीज की कार्रवाई 10 अंक
रॉन्ग साइड (विपरीत दिशा) में वाहन चलाने वालों पर एक्शन 10 अंक
जुआ, सट्टा, वेश्यावृत्ति, अवैध खनन, ड्रग्स माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई 20 अंक

नोट: प्राप्त अंकों के आधार पर दरोगाओं की एक मेरिट लिस्ट (रैंकिंग) तैयार होगी। जो इस रैंकिंग में टॉप पर रहेंगे, उन्हें ही मलाईदार चौकियों का प्रभार सौंपा जाएगा।

 दिन में 50% पुलिस फोर्स सड़कों पर, रात में ग्रामीण क्षेत्रों पर फोकस

निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त ने सड़कों पर पुलिस की मौजूदगी (Police Visibility) बढ़ाने के लिए कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि:

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  • दिन का प्लान: थानों में उपलब्ध कुल पुलिस बल का 50 प्रतिशत हिस्सा दिन के समय मुख्य चौराहों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में तैनात रहेगा, ताकि जाम, अतिक्रमण और राहजनी जैसी घटनाओं पर रोक लग सके।

  • रात का प्लान (गश्त): रात्रिकालीन सुरक्षा के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 25 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 20 प्रतिशत पुलिस बल लगातार एक्टिव मोड में गश्त करेगा। इस व्यवस्था की सरप्राइज चेकिंग स्वयं पुलिस कमिश्नर करेंगे।

साथ ही मुकदमों की मॉनिटरिंग के लिए हर केस में शत-प्रतिशत यूनिक SID (Unique Crime Case ID) क्रिएशन अनिवार्य करने और 60 दिन से अधिक विवेचना पेंडिंग न रखने की हिदायत दी गई।

नए आरक्षियों को मिलेगी 'कमांडो और टेक' ट्रेनिंग: 12 घंटे का शेड्यूल तय

पुलिस कमिश्नर ने नव नियुक्त आरक्षियों (New Constables) को आधुनिक और स्मार्ट पुलिसिंग के सांचे में ढालने के लिए विशेष निर्देश जारी किए। अब नए सिपाहियों को प्रतिदिन 06 घंटे इनडोर और 06 घंटे आउटडोर का कड़ा व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इन आधुनिक तकनीकों में निपुण होंगे नए सिपाही:

  • CCTNS प्रणाली और डेटा एंट्री का ज्ञान।

  • CDR (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) विश्लेषण और सर्विलांस।

  • CCTV फुटेज परीक्षण और DVR संचालन की तकनीक।

  • ई-साक्ष्य एवं ई-समन प्रणाली: डिजिटल साक्ष्यों का कोर्ट के लिए संरक्षण और ऑनलाइन समन तामिला कराने का विशेष प्रशिक्षण।

निरीक्षण के दौरान ये अधिकारी रहे मौजूद:

रोहनिया सर्किल की इस हाई-लेवल समीक्षा बैठक और निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) श्री आलोक प्रियदर्शी, पुलिस उपायुक्त (वरुणा जोन) श्री प्रमोद कुमार सहित संबंधित सहायक पुलिस आयुक्त (ACP), थाना प्रभारी और सोशल मीडिया सेल के अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।