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वाराणसी: बासंतिक नवरात्रि के छठवें दिन मां कात्यायनी और ललिता गौरी के दर्शन को उमड़ा जनसैलाब, मंदिरों में लंबी कतारें

विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मां से मांगी सुख-समृद्धि

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नवरात्रि दर्शन
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वाराणसी, भदैनी मिरर। बासंतिक नवरात्रि के छठे दिन काशी में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। मां कात्यायनी की पूजा के विशेष महत्व के चलते शहर के प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। विशेष रूप से ललिता गौरी मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं।
सुबह के समय से ही मंदिर परिसर ‘जय माता दी’ के जयकारों से गूंज उठा। भक्तजन धूप, दीप, नैवेद्य, नारियल और पुष्प अर्पित कर विधि-विधान से मां कात्यायनी की आराधना करते नजर आए। श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में शीश नवाकर अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा से विशेष फल की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुबह से ही मंदिर पहुंच गए और अपनी बारी के लिए घंटों कतार में खड़े रहे। भीड़ के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी।
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इस दिन का विशेष महत्व कुंवारी कन्याओं के लिए भी माना जाता है। मान्यता है कि मां कात्यायनी को हल्दी और कुमकुम अर्पित करने से मनचाहा वर प्राप्त होता है। इसी आस्था के चलते बड़ी संख्या में युवतियां भी मंदिर पहुंचीं और विधिवत पूजा-अर्चना कर अपने उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्रशासन की निगरानी में दर्शन-पूजन शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहा, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
बासंतिक नवरात्रि के इस छठे दिन काशी में भक्ति, आस्था और उल्लास का संगम देखने को मिला, जहां हर ओर श्रद्धा का सैलाब उमड़ता नजर आया।
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