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Varanasi: गंगा को राष्ट्रीय नदी घोषित करने की वर्षगांठ पर कांग्रेस ने किया 51 लीटर दूध से दुग्धाभिषेक, मुस्लिम समाज के लोग भी रहे शामिल

दशाश्वमेध घाट पर हुआ मां गंगा का पूजन; कांग्रेस नेताओं ने नमामि गंगे योजना और बढ़ते प्रदूषण पर उठाए सवाल

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भदैनी मिरर (वाराणसी): गंगा को राष्ट्रीय नदी घोषित किए जाने की वर्षगांठ के अवसर पर बुधवार को वाराणसी में कांग्रेस पार्टी की ओर से विशेष आयोजन किया गया। दशाश्वमेध घाट स्थित शीतला घाट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने मिलकर 51 लीटर दूध से मां गंगा का दुग्धाभिषेक किया और उनकी निर्मलता व अविरलता की कामना की। इस दौरान कार्यक्रम में कांग्रेस जनों के साथ मुस्लिम समाज के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर सहभागिता की, जो गंगा-जमुनी तहजीब की एक अनूठी मिसाल पेश कर रहा था।

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2008 के ऐतिहासिक निर्णय की याद में हुआ आयोजन

कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने याद दिलाया कि वर्ष 2008 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने मां गंगा को 'राष्ट्रीय नदी' का दर्जा दिया था। इसी ऐतिहासिक और पावन निर्णय की याद में कांग्रेस कार्यकर्ता प्रतिवर्ष गंगा पूजन, दुग्धाभिषेक और नमन कार्यक्रम आयोजित करते हैं।


'नमामि गंगे के बावजूद गंगा में सुधार नहीं, प्रदूषण पर चिंता'

इस मौके पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के अध्यक्ष ने मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्र और राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में 'नमामि गंगे' परियोजना की शुरुआत हुई थी, लेकिन बड़े-बड़े विज्ञापनों और योजनाओं के बावजूद धरातल पर गंगा की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि गंगा केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक है। हिंदू समाज के लोग जहां गंगा में आचमन और पूजा-पाठ करते हैं, वहीं मुस्लिम समाज के लोग भी वजू के लिए गंगा जल का उपयोग करते हैं।
 
उन्नाव और कानपुर से लेकर वाराणसी तक करीब 360 किलोमीटर का क्षेत्र चमड़ा उद्योगों (Tanneries) के कारण गंभीर प्रदूषण की चपेट में है। आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि जहां 500 एमएलडी पानी के शोधन की आवश्यकता है, वहीं मात्र 300 से 350 एमएलडी पानी का ही शोधन हो पा रहा है। शेष दूषित पानी सीधे गंगा में गिर रहा है, जिससे पर्यावरणीय संकट गहराता जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने जोर देकर कहा कि गंगा की स्वच्छता और संरक्षण के लिए केवल राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि मजबूत इच्छाशक्ति और ठोस धरातलीय प्रयासों की जरूरत है।

 

कार्यक्रम में ये रहे प्रमुख रूप से मौजूद
 

इस आयोजन का सफल संयोजन महानगर कांग्रेस कमेटी के महासचिव प्रमोद वर्मा द्वारा किया गया, जबकि पूरा कार्यक्रम महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस दौरान कांग्रेस पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।