Movie prime
PMC_Hospital

Varanasi NSUI Protest: मुंह पर काली पट्टी, हाथों में गांधीजी की फोटो! वाराणसी में NSUI का मौन प्रदर्शन

वाराणसी के अंबेडकर चौराहे पर NSUI कार्यकर्ताओं का शांतिपूर्ण प्रदर्शन; CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया रोकने की मांग पर अड़े छात्र नेता।

Ad

 
d
WhatsApp Group Join Now

Ad

भदैनी मिरर वाराणसी डेस्क: नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को वाराणसी के कचहरी स्थित अंबेडकर चौराहे पर मुंह पर काली पट्टी बांधकर और हाथों में महात्मा गांधी की तस्वीर लेकर शांतिपूर्ण मौन सत्याग्रह किया। कार्यकर्ताओं ने सरकार व स्थानीय प्रशासन पर छात्र-नौजवानों की आवाज दबाने का गंभीर आरोप लगाया।

Ad

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में विपक्ष और राहुल गांधी द्वारा उठाए जा रहे लोकतांत्रिक मुद्दों का समर्थन करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।

प्रदेश अध्यक्ष ऋषभ पांडे को हाउस अरेस्ट करने का आरोप

मीडिया से बातचीत करते हुए NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष संदीप पाल ने प्रशासन पर दमनकारी नीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि तय कार्यक्रम को रोकने के उद्देश्य से स्थानीय पुलिस-प्रशासन ने बुधवार सुबह ही NSUI के प्रदेश अध्यक्ष ऋषभ पांडे को उनके आवास पर हाउस अरेस्ट (नज़रबंद) कर दिया।

संदीप पाल ने कहा, "प्रशासन को लगा था कि प्रदेश अध्यक्ष को नज़रबंद करने से हमारा आंदोलन रुक जाएगा, लेकिन NSUI का हर कार्यकर्ता लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए खड़ा है। ऐसी कार्रवाई से छात्र डरने वाले नहीं हैं।"

गांधी प्रतिमा के समक्ष मौन सत्याग्रह और प्रमुख मांगें

हाउस अरेस्ट की कार्रवाई के बावजूद भारी संख्या में NSUI कार्यकर्ता कचहरी स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष एकत्र हुए। कार्यकर्ताओं ने हाथों में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीरें और तख्तियां लेकर अहिंसात्मक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया।

  • SIR प्रक्रिया पर रोक: कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोकने की मांग की।

  • CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा: चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई।

  • वोटिंग राइट्स की रक्षा: छात्र नेताओं का आरोप है कि देश भर में सुनियोजित तरीके से वैध मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काटे गए हैं, जिसका विरोध NSUI हर स्तर पर जारी रखेगी।

लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए जारी रहेगा आंदोलन

प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका यह आंदोलन पूरी तरह से गैर-हिंसक और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भीतर है। सरकार को तानाशाही रवैया छोड़कर युवाओं और विपक्ष के सवालों का जवाब देना होगा। NSUI नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक निष्पक्ष चुनाव और चुनावी पारदर्शिता की मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका यह संघर्ष कचहरी से लेकर सड़कों तक जारी रहेगा।