Varanasi News: काशी में गंगा स्नान के दौरान बीयर पीते युवक का वीडियो वायरल, भड़के श्रद्धालु, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
गंगा को अपवित्र करने पर फूटा लोगों का गुस्सा; आरोपी युवक बिहार का निवासी, वीडियो में मांग रहा माफी
वाराणसी (भदैनी मिरर): धर्म नगरी काशी में पतित पावनी मां गंगा की पवित्रता और मर्यादा को तार-तार करने का एक और मामला सामने आया है। शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक गंगा नदी में स्नान के दौरान सरेआम हाथ में केन लेकर बीयर पीता नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों, तीर्थ पुरोहितों और श्रद्धालुओं में गहरा आक्रोश फैल गया है। लोगों ने इसे सनातन आस्था पर चोट बताते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।


बिहार का रहने वाला है आरोपी युवक
वायरल वीडियो में गंगा की पवित्रता का उल्लंघन करते देख वहां मौजूद कुछ स्थानीय लोगों ने जब युवक को टोका, तो उसने अपना नाम संतोष कुमार बताया। युवक मूल रूप से बिहार के रोहतास जिले का निवासी है। दावा किया जा रहा है कि शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे वह अपने कुछ दोस्तों के साथ गंगा पार रेती पर स्नान करने गया था। इसी दौरान वह पानी के बीचो-बीच खड़े होकर बीयर की चुस्कियां लेने लगा, जिसका किसी ने वीडियो बना लिया।

टोकने पर मांगी माफी, पर सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
वीडियो में साफ सुना जा सकता है कि स्थानीय लोग युवक को गंगा की मर्यादा का पाठ पढ़ा रहे हैं और उसे अपवित्र न करने की चेतावनी दे रहे हैं। माहौल बिगड़ता देख युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता भी नजर आ रहा है। हालांकि, वीडियो इंटरनेट पर वायरल होने के बाद लोगों का गुस्सा शांत नहीं हो रहा है। सोशल मीडिया पर यूजर्स इस घटना की कड़ी निंदा कर रहे हैं और वाराणसी पुलिस व प्रशासन को टैग कर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

लगातार सामने आ रहे हैं ऐसे मामले
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बीते कुछ समय से गंगा किनारे और नावों पर हुड़दंगबाजी, शराबखोरी और पार्टी करने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। हाल ही में गंगा में बजड़े (बड़ी नाव) पर रोजा इफ्तार और बिरयानी पार्टी के आयोजन को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ था। लोगों का कहना है कि प्रशासन की ढिलाई के कारण कुछ लोग धार्मिक नियमों की अनदेखी कर काशी के वातावरण को दूषित कर रहे हैं।
इस घटना के बाद से ललिता घाट और आस-पास के घाटों पर भारी चर्चा का माहौल है। खबर लिखे जाने तक इस पूरे मामले पर वाराणसी पुलिस या स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान या कार्रवाई की पुष्टि नहीं की गई थी।
