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Varanasi News: हमले में घायल किसान की मौत के बाद शिवपुर में हंगामा, शव रखकर चक्काजाम; पुलिस पर लापरवाही का आरोप

Varanasi News: हमले में घायल राजेश पटेल की इलाज के दौरान मौत; पोस्टमार्टम के बाद शव रखकर चक्काजाम, पुलिस पर उठे सवाल

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भदैनी मिरर डिजिटल डेस्क, वाराणसी: वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पिसौर गांव में जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल 45 वर्षीय राजेश पटेल की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। घटना के बाद से ही इलाके में तनाव का माहौल है। पोस्टमार्टम के बाद शव मिलने पर आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने पिसौरी माता गेट के पास शव रखकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि घटना के 65 घंटे बाद भी पुलिस मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में नाकाम रही है।

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बुधवार रात खेत में सोते समय हुआ था हमला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिसौर गांव निवासी राजेश पटेल गाय-भैंस की खरीद-बिक्री का कारोबार करते थे और रोजाना की तरह बुधवार रात अपने खेत में सोने गए थे। इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया।

मृतक की पत्नी अनीता पटेल ने बताया कि जब परिजनों को घटना की जानकारी मिली, तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे। राजेश गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया और आईसीयू में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

अज्ञात के खिलाफ दर्ज है एफआईआर, 65 घंटे बाद भी खाली हाथ पुलिस

मृतक के भाई सुरेंद्र कुमार पटेल की तहरीर पर शिवपुर थाने में 22 अक्टूबर को अज्ञात के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 और 110 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

परिजन इस बात से बेहद आक्रोशित हैं कि घटना के करीब 65 घंटे बीत जाने के बावजूद पुलिस हमलावरों का कोई सुराग नहीं लगा पाई है। पोस्टमार्टम के बाद देर रात करीब 9:30 बजे जैसे ही शव परिजनों को सौंपा गया, वे शव लेकर शिवपुर रेलवे स्टेशन मार्ग पर पिसौरी माता गेट के पास बैठ गए और सड़क जाम कर दी।

छोटे बेटे को ले जाने पर परिजनों ने उठाए सवाल

चक्काजाम और विरोध प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। आरोप लगाया गया कि पुलिस मृतक के छोटे बेटे शिवम पटेल (20) को पोस्टमार्टम हाउस से अपने साथ उठा ले गई, जिससे परिवार में और अधिक नाराजगी फैल गई। हालांकि, पुलिस द्वारा बेटे को ले जाने के पीछे के कारणों पर अभी तक कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

राजेश छह भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके परिवार में पत्नी अनीता और दो बेटे (शुभम और शिवम) हैं। इस दर्दनाक घटना से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, और ग्रामीण लगातार आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।