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Varanasi News: काशी विश्वनाथ धाम पहुंची IB और सुरक्षा की टॉप टीम, श्रावण मास से पहले जनसुविधाओं और सुरक्षा का लिया जायजा

KV Dham Inspection: इंटेलिजेंस ब्यूरो की अपर निदेशक विनीता शर्मा, सीपी मोहित अग्रवाल व एडीजी (सुरक्षा) ने किया स्थलीय निरीक्षण; मंदिर की दीवारें ऊंची करने और आधुनिक स्लाइडिंग गेट को लेकर दिए कड़े निर्देश।

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वाराणसी (भदैनी मिरर): धर्मनगरी काशी में आगामी श्रावण मास, प्रमुख पर्वों और श्री काशी विश्वनाथ धाम (Sri Kashi Vishwanath Dham) में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती अत्यधिक संख्या को दृष्टिगत रखते हुए, देश और प्रदेश की सुरक्षा एजेंसियों के आला अधिकारियों ने धाम क्षेत्र का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया।

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दिनांक 21 मई 2026 (निरीक्षण दिनांक- 16-05-2026 के अनुक्रम में) को अपर निदेशक, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) श्रीमती विनीता शर्मा, पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल और अपर पुलिस महानिदेशक (ADG सुरक्षा) श्री तरुण गाबा द्वारा श्री काशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा, यातायात और जनसुविधाओं की बारीकी से समीक्षा की गई।

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eवरिष्ठ अधिकारियों संग हाई-लेवल बैठक

विस्तृत निरीक्षण के उपरांत अधिकारियों की टीम ने मण्डलायुक्त वाराणसी मण्डल श्री एस. राजलिंगम, एडीजी जोन श्री पीयूष मोर्डिया, जिलाधिकारी वाराणसी श्री सत्येन्द्र कुमार सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक गोष्ठी की। इस बैठक में आगामी चुनौतियों और धाम की सुरक्षा को अभेद्य बनाने को लेकर कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश और निर्णय लिए गए।

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काशी विश्वनाथ धाम में सुरक्षा व्यवस्था और प्रमुख बिंदु

अधिकारियों ने धाम क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया:

1. अभेद्य सुरक्षा और सतत निगरानी प्रणाली

  • त्रिस्तरीय सुरक्षा: धाम क्षेत्र में पुलिस, पीएसी (PAC), सीआरपीएफ (CRPF) और अर्धसैनिक बलों की पर्याप्त और समन्वित तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

  • 24/7 निगरानी: संवेदनशील स्थानों पर रूफटॉप ड्यूटी लगाने और संपूर्ण धाम क्षेत्र की निगरानी अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों, पीटीजेड कैमरों, वीडियो एनालिटिक्स सिस्टम और Drone तकनीक के माध्यम से निरंतर करने पर बल दिया गया।

  • टेक्नोलॉजी अपग्रेड: कंट्रोल रूम को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस करने, स्थापित एंटी-ड्रोन सिस्टम की कार्यक्षमता की समीक्षा करने और एआई (AI) युक्त अतिरिक्त कैमरे लगाने की कार्यवाही की समीक्षा की गई, ताकि Blind Spots को समाप्त किया जा सके।

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2. प्रभावी भीड़ प्रबंधन और सुगम दर्शन

  • श्रावण मास की तैयारी: श्रावण मास और विशेष पर्वों पर श्रद्धालुओं के सुरक्षित दर्शन-पूजन के लिए चरणबद्ध भीड़ प्रबंधन प्रणाली, बैरिकेडिंग और होल्डिंग एरिया विकसित करने पर चर्चा की गई।

  • नो-व्हीकल ज़ोन: पर्वों पर निर्धारित समय के लिए नो-व्हीकल एवं नो-मैन ज़ोन व्यवस्था लागू करने पर बल दिया गया।

  • विशेष सुविधा: वृद्ध और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। लंबी कतारों में श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु वीडियो व आरती प्रसारण प्रणाली को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।

3. घाट एवं जलमार्ग सुरक्षा

  • जल पुलिस की गश्त: गंगा घाटों और जलमार्ग सुरक्षा को सुदृढ़ करने हेतु जल पुलिस, एनडीआरएफ (NDRF) और पीएसी की संयुक्त बोट पेट्रोलिंग को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। मोटर बोट की उपलब्धता बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

4. कार्मिक प्रशिक्षण और सत्यापन

  • character Verification: मंदिर परिसर में नियुक्त स्थायी, अस्थायी और निजी सुरक्षा कर्मियों के चरित्र सत्यापन अभियान को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया गया। इसके साथ ही येलो जोन में रहने वाले व्यक्तियों, नाविकों और दुकानदारों के सत्यापन अभियान को और प्रभावी बनाने पर बल दिया गया।

5. जनसुविधाओं का सुदृढ़ीकरण

  • श्रद्धालुओं की सुविधा: अधिकारियों ने धाम क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में पार्किंग, पेयजल, शौचालय, कैनोपी, बैठने की व्यवस्था और कैंटीन जैसी मूलभूत सुविधाओं को और बेहतर बनाने पर जोर दिया, ताकि गर्मी और भीड़ के समय श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।

निरीक्षण में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय: क्या-क्या बदलेगा?

वरिष्ठ अधिकारियों की गोष्ठी में धाम क्षेत्र की सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए:

  1. परिधीय दीवारों की ऊँचाई: धाम क्षेत्र की सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाने हेतु काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर की परिधीय दीवारों (Periphery Walls) की ऊँचाई बढ़ाये जाने के निर्देश प्रदान किए गए।

  2. वैकल्पिक मार्ग: उड़पी एवं आसपास के दुकानदारों, ग्राहकों तथा गंगा द्वार से दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की सुगम वापसी हेतु प्रमुख द्वार संख्या-04 के निकट प्रशासनिक भवन के बगल से एक वैकल्पिक मार्ग संचालित किए जाने के निर्देश दिए गए।

  3. आधुनिक स्लाइडिंग गेट: भैरव गेट पर श्रद्धालुओं की भीड़ के प्रभावी नियंत्रण और व्यवस्थित आवागमन के लिए आधुनिक स्लाइडिंग गेट स्थापित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया।

  4. अतिरिक्त CCTV: धाम क्षेत्र की गलियों और संवेदनशील मार्गों में सतत निगरानी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अतिरिक्त एआई युक्त सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाने के निर्देश दिए गए।