वाराणसी न्यूज़: गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग, काशी में संतों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन; 25 से 30 करोड़ हस्ताक्षरों की सौंपी कॉपी!
गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग: काशी में संतों और गौ भक्तों का विशाल अभियान
वाराणसी (भदैनी मिरर): भारत भूमि पर गौ हत्या पूरी तरह बंद करने, गौ संवर्धन और गौ माता को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर 'गो सम्मान आह्वान अभियान' के तहत वाराणसी में संत समाज और सनातनियों ने जोरदार लेकिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। संतों और गौ भक्तों के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट पहुँचकर जिलाधिकारी (DM) के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन तथा देशभर से जुटाए गए हस्ताक्षरों का प्रार्थना पत्र सौंपा।


1. 25 से 30 करोड़ देशवासियों के हस्ताक्षरों का समर्थन
अभियान के प्रतिनिधियों और संतों (गुरु चरण दास व अन्य) ने बताया कि गौ माता की रक्षा और सम्मान के लिए पिछले कई महीनों से देशभर में हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा था।
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करोड़ों नागरिकों का समर्थन: इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत लगभग 25 से 30 करोड़ नागरिकों के हस्ताक्षर संकलित किए गए हैं।
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शीर्ष नेतृत्व तक पहुँचेगी मांग: संतों ने स्पष्ट किया कि कलेक्ट्रेट और तहसील स्तर पर ज्ञापन सौंपने का मुख्य उद्देश्य उच्च अधिकारियों के माध्यम से इस मांग पत्र और हस्ताक्षरों की प्रति को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तक पहुँचाना है।
2. 'गो सम्मान आह्वान अभियान' की प्रमुख मांगें
संत समाज ने सरकार से मांग की है कि गौ सेवा और संरक्षण को राष्ट्रीय नीति का हिस्सा बनाया जाए। अभियान की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:

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राष्ट्रमाता का दर्जा: गौ माता को कानूनी रूप से 'राष्ट्रमाता' घोषित किया जाए।
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केंद्रीय गौ-हत्या निषेध कानून: पूरे देश में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए कड़ा केंद्रीय कानून बने और दोषियों को सख्त से सख्त (फांसी जैसी) सजा का प्रावधान हो।
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केंद्रीय गो-मंत्रालय व गो-चारा नीति: केंद्र स्तर पर एक पृथक 'गो मंत्रालय' की स्थापना हो और सभी गौशालाओं में नियमित चारा एवं रखरखाव के लिए सुदृढ़ नीति बने।
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गोचर भूमि अतिक्रमण मुक्त हो: गौवंश के चरने वाली (गोचर) जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जाए।
3. 'श्री राम जय राम' संकीर्तन के साथ दिया शांतिपूर्ण ज्ञापन
वाराणसी में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान संतों ने स्पष्ट किया कि उनका यह आंदोलन पूरी तरह से संवैधानिक, लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण है।
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किसी भी प्रकार के उग्र प्रदर्शन या तोड़फोड़ के बिना, गौ भक्तों ने हाथ में झंडे, बैनर और प्लेकार्ड्स लेकर "श्री राम जय राम जय जय राम" विजय मंत्र का संकीर्तन करते हुए अपनी बात रखी।
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संतों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (जो स्वयं एक पीठ के पीठाधीश्वर और संत हैं) से विशेष आशा व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस विषय पर सकारात्मक पहल करेंगे।
